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पीएम ने ओडिशा में ₹47600 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए:पहाड़पुर में राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल गए; राज्य में आज BJP सरकार के दो साल पूरे

By Dinesh chourasiya

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर राज्य के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर पहुंचे हैं। उन्होंने यहां ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और ₹47,600 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति मुर्मू का आज 68वां जन्मदिन है। पीएम ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा- आज ओडिशा की एक बेटी देश के इतने ऊंचे संवैधानिक पद पर पहुंचकर हमारा मार्गदर्शन कर रही है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है।

इससे पहले पीएम मयूरभंज स्थित पहाड़पुर में राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल पहुंचे। राष्ट्रपति के साथ पीएम पहाड़पुर स्थित स्किल ट्रेनिंग हब गए। वहां छात्राओं से बात की। पीएम ने संथाल समुदाय के पवित्र स्थल संथाली जाहेरा और हो जाहेरा में पूजा-अर्चना भी की।

 

PM मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें

  1. ओडिशा में उत्सव और विकास दोनों का माहौल- पीएम मोदी ने कहा कि रथयात्रा और अन्य पर्वों के बीच ओडिशा में लोकतंत्र और विकास का भी उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने राज्य की BJP सरकार के दो साल पूरे होने पर बधाई दी।
  2. राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं- मोदी ने कहा कि ओडिशा की बेटी द्रौपदी मुर्मू आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं। उन्होंने पूरे ओडिशा और मयूरभंज की पहचान को मजबूत किया है। मैं उनके साथ पहाड़पुर गया। मैंने वहां बच्चों के चेहरे की चमक देखी। राष्ट्रपति जी को देखकर बच्चों को लग रहा था जैसे उनकी मां आई हैं।
  3. पहाड़पुर को सोलर विलेज बनाने की घोषणा- पीएम ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल गांव पहाड़पुर को ‘सूर्यपुर सोलर ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे गांव की आय और सुविधाएं बढ़ेंगी।
  4. 2036 और 2047 का विजन रखा- मोदी ने कहा कि 2036 में ओडिशा के गठन के 100 साल और 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होंगे। ओडिशा के विकास को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, “ओडिशा आगे बढ़ेगा, तभी देश भी आगे बढ़ेगा।
  5. ओडिशा में BJP सरकार के 2 साल पूरे: पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के दो साल पूरे होना और बड़ी संख्या में लोगों का कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए खास है। पीएम ने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह और अपनापन उन्हें बार-बार ओडिशा आने के लिए प्रेरित करता है।

प्रोजेक्ट्स जिनका PM ने उद्घाटन किया…

  • पीएम ने 600 मेगावाट का अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट और IB थर्मल पावर स्टेशन के स्टेज-II विस्तार की आधारशिला रखी। इस विस्तार में 660-660 मेगावाट की दो नई यूनिट लगाई जाएंगी।
  • उन्होंने झारसुगुड़ा के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। वहीं, भुवनेश्वर में 300 टन क्षमता वाले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट और काठाजोड़ी नदी पुल का उद्घाटन किया गया।
  • प्रधानमंत्री ने बौध में ढालपुर-हरभंगा सड़क चौड़ीकरण, NH-353 के नुआपाड़ा-घाटीपाड़ा फोरलेन प्रोजेक्ट और कुसुमडीही मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का भी शुभारंभ किया।
  • इसके अलावा IGNOU के रीजनल सेंटर, रायरंगपुर में इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आदिवासी अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी गई।
  • रेलवे क्षेत्र में 732 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले दो मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट देश को समर्पित किए गए। इनमें हिंडोल रोड-मेरामांडली मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिसे 409 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।
  • प्रधानमंत्री ने बौध में 300 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन, विभिन्न जिलों में 24 अटल बस स्टैंड और 9 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन किया। साथ ही NH-57 पर नयागढ़ बाईपास और कुसुमी स्मार्ट सिंचाई परियोजना की भूमिगत पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग से ओडिशा पहुंचीं राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ओडिशा पहुंची थीं। वे पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से हेलिकॉप्टर लेकर ओडिशा आने वाली थीं। हालांकि खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका।

इसके कारण उन्हें सड़क मार्ग से ओडिशा आना पड़ा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार रात रायरंगपुर स्थित अपने आवास पर रुकी थीं। शनिवार सुबह पहाड़पुर पहुंचीं। यहां उनके जन्मदिन पर लोगों ने फूल देकर, पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया।

पहाड़पुर से मुर्मू ने शुरू किया था राजनीतिक करियर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में एक आदिवासी संथाल परिवार में हुआ था। उनकी शादी 1980 में श्याम चरण मुर्मू से हुई थी, जिनका पैतृक गांव मयूरभंज जिले का पहाड़पुर है। यहीं उनके ससुराल का घर है।

शादी के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षक और सरकारी कर्मचारी के रूप में काम किया, फिर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत की पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। 2000 और 2004 में रायरंगपुर से विधायक चुनी गईं और ओडिशा सरकार में मंत्री रहीं।

2015 में वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनीं। इसके बाद 2022 में राष्ट्रपति चुनाव जीतकर भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला बनीं।

पहाड़पुर में राष्ट्रपति मुर्मू के पति श्याम मुर्मू की प्रतिमा पर उड़िया में एक कविता की कुछ लाइनें लिखी हैं। जिसका हिंदी में मतलब है- खाली हाथ आए हैं, खाली हाथ जाएंगे, इसलिए सदा अच्छे काम करना।

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