Uncategorized

दुर्ग के जेवरा-सिरसा चौकी पुलिस ने हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया

By Dinesh chourasiya

दुर्ग के जेवरा-सिरसा चौकी पुलिस ने हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए सामान और लूटी गई रकम का कुछ हिस्सा भी बरामद किया है। यह मामला ग्राम करहीडीह का है।

रविवार को 2400 रुपए के लिए राम नारायण निषाद की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में इस मामले में दो नाबालिगों के शामिल होने की बात सामने आई थी, लेकिन जब पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेंद्र निषाद उर्फ बाठू के दस्तावेजों की जांच की, तो वह बालिग निकला।

इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

नशे में सोए युवक की जेब से निकाले पैसे, विरोध करने पर कर दी हत्या

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसने रामनारायण की जेब से 2400 रुपए निकालने की कोशिश की। इसी दौरान रामनारायण को होश आ गया और उसे इसका पता चल गया। विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया।

इसके बाद आरोपी योगेंद्र और उसके नाबालिग साथी ने मिलकर रामनारायण के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों ने उसे बेरहमी से हाथ और मुक्कों से पीटा। मारपीट के बाद आरोपियों ने रामनारायण के पैर गमछे से बांध दिए और उसे खेत की ओर घसीटकर ले गए।

वहां पहुंचकर आरोपियों ने पत्थर से उसका सिर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

आरोपी की मां ने जलाए सबूत

जांच के दौरान पुलिस को खून से सना तकिया और लूटे गए कुछ पैसे बरामद हुए हैं। वहीं, इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी योगेंद्र की मां सावित्री निषाद ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

उसने खून से सने कपड़े और जूते जला दिए, ताकि पुलिस को कोई ठोस सबूत न मिल सके।

पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेंद्र को किया गिरफ्तार।

26 अप्रैल को मिली थी लाश

घटना की पूरी कहानी 25 अप्रैल की रात की है। उस दिन रामनारायण अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। कुछ देर बाद उसके दोस्त वहां से चले गए, लेकिन वह नशे की हालत में वहीं रुक गया।

इसी दौरान आरोपी और उसका साथी वहां पहुंचे। उन्होंने रामनारायण की जेब में पैसे देखे और उन्हें निकालने की कोशिश करने लगे। जब रामनारायण को होश आया, तो उसने आरोपियों को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर पहले उसकी पिटाई की, फिर उसे खेत में ले जाकर हत्या कर दी।

26 अप्रैल को पुलिस ने शव बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी योगेंद्र निषाद को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, मंगलवार को पुलिस ने नाबालिग आरोपी और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में सावित्री निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की मां ने सबूत मिटाने में की थी मदद, पुलिस ने किया गिरफ्तार।

Related Articles

Back to top button