
छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले सरकार को मिला बड़ा टेंशन! हड़ताल में बैठे प्रदेश भर के कर्मचारियों ने उठाया हैरान करने वाला कदम
By Dinesh chourasiya
संयुक्त मोर्चा के 4 सूत्री एजेंडे में उन सभी मांगों को शामिल कर लिया गया है, जिसके लिए प्रदेश के सरकारी कर्मचारी लगातार संघर्ष करते आए हैं

: रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले कर्मचारी राजनीति में नया मोड़ आ गया है। अलग अलग मांगों को लेकर अलग-अलग प्रदर्शन करने वाले लगभग सारे कर्मचारी संगठन अब एक मंच पर आ गए हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी महासंघ और छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मिलकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा नाम से नया मंच तैयार कर लिया है। संयुक्त मोर्चा के 4 सूत्री एजेंडे में उन सभी मांगों को शामिल कर लिया गया है, जिसके लिए प्रदेश के सरकारी कर्मचारी लगातार संघर्ष करते आए हैं। जो एजेंडा तैयार किया गया है सबसे ऊपर सातवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता देने की मांग रखी गई है। दूसरी मांग पेंशन को लेकर हैं।







इधर राज्य सरकार के वादाखिलाफी को लेकर बस्तर में भी अतिथि शिक्षकों ने बोनस लेने से साफ इनकार कर दिया है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में जिस पद पर रहकर वे बच्चों को पढ़ा रहे हैं उन्हें सरकार के द्वारा उसी पोस्ट पर नियमितीकरण किया जाए। दरअसल राज्य सरकार ने इन्हें बोनस देने के नाम पर शिक्षक और सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं जबकि अतिथि शिक्षकों का कहना है कि यह बोनस उनके लिए प्रमोशन नहीं बल्कि डिमोशन है, इसलिए वे बोनस नही लेना चाहते हैं। आज जिले के सभी अतिथि शिक्षकों ने बस्तर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बोनस को लेने से साफ इनकार कर दिया है।








