दुर्ग जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में 5 महीने से फ्रीजर खराब:कार्टून में रखा अज्ञात नवजात का शव; कांग्रेस ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
By Dinesh chourasiya
जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की मॉर्चुरी में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिला अस्पताल दुर्ग में मॉर्चुरी का एक फ्रीजर कैबिनेट पिछले पांच महीने से खराब पड़ा है। इसके चलते शवों को फ्रीजर के बाहर रखने की नौबत आ गई है। हालात इतने खराब हैं कि नेवई क्षेत्र से लाए गए एक अज्ञात नवजात बच्चे के शव को कार्टून पर रखना पड़ा, जिससे शव सड़ रहा है और बदबू फैल रही है।








मॉर्चुरी में फ्रीजर की कमी के कारण शवों को खुले में रखने से लगातार दुर्गंध फैल रही है। इससे अस्पताल कर्मचारियों और मृतकों के परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। मॉर्चुरी की स्थिति इतनी खराब है कि मृतकों के परिजन भी अंदर जाने से कतराने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेडक्रॉस समिति द्वारा शवों को फ्रीजर में रखने के लिए 300 रुपए शुल्क लिया जाता है, लेकिन पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
पांच महीने से खराब हैं फ्रीजर जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में दो फ्रीजर कैबिनेट हैं। प्रत्येक कैबिनेट में चार-चार शव रखने की क्षमता है। यानी कुल आठ शव सुरक्षित रखे जा सकते हैं। लेकिन एक फ्रीजर कैबिनेट पिछले पांच महीने से खराब है। ऐसे में मॉर्चुरी की क्षमता आधी रह गई है।





कांग्रेस ने भी उठाई है मांग शनिवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. आशीषयन मिंज से मुलाकात कर जल्द नया फ्रीजर कैबिनेट लगाने और मॉर्चुरी की व्यवस्था सुधारने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चार महीने पहले भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके कारण कई शव गर्मी में फ्रीजर के बाहर रखे जा रहे हैं। शनिवार को भी मोर्चरी के बाहर दो शव पड़े हुए थे, जिनसे बदबू आ रही थी।

15 दिन का दिया है अल्टीमेटम कांग्रेस ने अस्पताल प्रबंधन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी का कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर फ्रीजर कैबिनेट की व्यवस्था नहीं की गई और मॉर्चुरी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ बड़ा




