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रायपुर में अमित बघेल के खिलाफ सिंधी-अग्रवाल समाज का प्रदर्शन:रायपुर में चक्काजाम, झूलेलाल धाम में हजारों लोग जुटे, अग्रसेन की मूर्ति पर की थी टिप्पणी

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने कहा था कि, अग्रसेन महाराज की मूर्ति पर क्यों पेशाब नहीं करते, इनकी मूर्ति क्यों नहीं टूटती है। पाकिस्तानी सिंधी हैं। इस टिप्पणी के बाद रायपुर समेत देशभर में अमित बघेल के खिलाफ सिंधी और अग्रवाल समाज ने प्रदर्शन किया।

अग्रवाल समाज के सदस्यों ने धर्म गुरुओं के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए रायपुर के अग्रसेन चौक पर चक्काजाम किया। वहीं, कटोरा तालाब स्थित झूलेलाल धाम में हजारों की संख्या में सिंधी समाज की लोग इकट्ठे हुए। उन्होंने सिंधी समाज के योगदान को बताते हुए अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग की।

बीजेपी नेता अमित चिमनानी ने कहा कि, सिंधी समाज ने छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ा योगदान दिया है। अभी हाल में हुए ट्रेन हादसे में समाज के लोगों ने हर संभव मदद की। जब जब समाज में किसी भी प्रकार की आपदा या विपदा आईं है। सिंधी समाज मदद के लिए पहली पंक्ति में खड़ा है।

कोरोना काल में जब लोग एक दूसरे से मिलने के लिए डर रहे थे। तब सिंधी समाज के सदस्यों ने कोरोना से पीड़ित और असहाय मरीजों को अपनी गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचाया। उनकी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी हमारी भी मां है, समाज का एक व्यक्ति उनका पूरा सम्मान करता है।

अमित बघेल का बयान निंदनीय

वहीं, अग्रवाल समाज की सदस्य प्रीति अग्रवाल ने कहा कि, हम सभी समाज के लोग एक साथ रहते हैं। अमित बघेल ने समाज के भगवान और गुरुओं के खिलाफ जो बयान दिया है वह निंदनीय हैं। यह अलग-अलग समाज के बीच भेदभाव करने की कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि अमित बघेल के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है। जो गलत है।

अग्रवाल समाज के सदस्यों ने धर्म गुरुओं के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयान पर नाराजगी जाहिर की है।

अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति विवाद ?

दरअसल, रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली।

इस हंगामे के बाद, 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने इसी दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी।

CSP रामाकांत साहू के मुताबिक, आरोपी मनोज सतनामी सारंगढ़ के पुसौर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। सेंद्री और रांची में इलाज हुआ था। आरोपी ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। वह गांव में पहले भी मारपीट कर चुका है।

रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई।

अब जानिए क्यों अमित बघेल के बयान पर क्यों मचा बवाल ?

छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने पर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख ने अमित बघेल ने कहा कि कौन है अग्रसेन महाराज, चोर है या झूठा है। पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं। मछली वाले भगवान के बारे में। उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है।

इससे पहले भी जैन संतों के खिलाफ विवादित बयान देने वाले छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल की गिरफ्तारी हुई थी। अमित बघेल हसदेव फारेस्ट मामले में सरगुजा दौरे पर थे। इसी दौरान बालोद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

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