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CG के धमतरी ट्रिपल-मर्डर केस में आलोक की बहन बोली-अधमरा ही छोड़ देते, एक दिन पहले तय हुई थी शादी,मां सदमे में पुलिस ने 8 को लिया हिरासत में

By Dinesh chourasiya

गाड़ियों की कतार लगी हुई है और इन गाड़ियों को साइड स्टैंड पर लगाकर उस पर बैठे लोग आपस में कुछ फुस-फूसा रहे हैं। हमने ध्यान दिया तो समझ में आया ये लोग अज्जू के बारे में बात कर रहें हैं। एक ने बताया- “अज्जू अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। बाप के सुसाइड करने के बाद उसी ने घर को संभाला था। एक या दो दिन पहले उसकी शादी तय हुई थी।”

जिस जगह पर खड़े होकर हम अज्जू के बारे में बात कर रहे लोगों को सून रहे थे। उससे कुछ 200 मीटर की दूरी पर अज्जू का शव रखा हुआ है। हम करीब गए तो कई सारी महिलाएं अज्जू की मां को उसके शव से दूर करने की कोशिश कर रहीं थी। अज्जू की मां ये मानने को तैयार नहीं थी कि उनका बेटा अब नहीं रहा।

शव के सिरहाने पर बैठी अज्जू की बहन बार-बार उसके माथे का चूम रही थी। मानों प्यार से उसे जगाने की कोशिश कर रही हो। इसी बीच एक व्यक्ति ने कहा- “अब चलना चाहिए, अंतिम संस्कार का वक्त हो रहा है।” कुछ पुरुषों ने आपस में बातचीत की और अज्जू की अर्थी को झटके से कांधे पर उठा लिया।

गमगीन माहौल की ये तस्वीर देखिए:-

बेटे की अर्थी को देखकर मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

“राम नाम सत्य है” जैसे ही ये शब्द अज्जू की मां के कानों पर पड़े, वो एकदम से उठ खड़ी हुईं। बेटे की अर्थी की और दौड़ी, लेकिन कुछ महिलाओं ने उन्हें जकड़ लिया। उन्होंने चीखकर पूछा “मेरे बेटे को कहां ले जा रहे हो, वो जगेगा तो मेरे बारे में ही पूछेगा” इसके बाद वहीं जमीन पर गिर गईं।

अज्जू का असल नाम आलोक ठाकुर है। मंगलवार दोपहर उसका और उसके दो भाइयों (मौसी के लड़के) नितिन तांडी और सुरेश तांडी का शव रायपुर पहुंचा। धमतरी के एक ढाबे पर हुई चाकूबाजी की घटना में तीनों की मौत हो गई। बूढ़ातालाब स्थित श्मशान घाट पर तीनों के शवों का एक साथ दाह संस्कार किया गया।

लेकिन ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई है। तीन परिवार एक साथ उजड़ गए। नितिन की मां उसका अब भी इंतजार कर रही है। सुरेश की दो साल की बेटी है, जिसे अब तक नहीं समझ आया है कि उसके घर के बाहर भीड़ क्यों लगी हुई थी। आलोक के घर पर अब कमाने वाला कोई शख्स नहीं है। आलोक सेजबहार और नितिन-सुरेश संतोषी नगर के रहने वाले थे

बहन बोली: अज्जू को अधमरा ही छोड़ लेते, मार क्यों दिया

आलोक उर्फ अज्जू की बहन सदमे में हैं। जब भी होश आता है, एक ही बात दोहराती हैं। बहुत गुस्सा था तो उसका हाथ-पैर तोड़ देते, अधमरा ही छोड़ देते। मैं उसे पाल लेती। अब तक वही तो सब कुछ करता आया था हमारे लिए। 2016 में पापा ने आत्महत्या कर ली।

तब कुछ भी नहीं था। न पैसा, न घर। सब कुछ छूट गया था। सबसे छोटा होने के बाद भी अज्जू ने पूरे घर की जिम्मेदारी उठाई। धीरे-धीरे करके घर बनवाया, हम सबका वही सहारा था। उसके जीजा बीमार हैं। हॉस्पिटल में हैं। कहकर गया था, पैसों की फिक्र मत करना। मैं इलाज करवाउंगा।

मां बार-बार पूछ रही बेटा कब लौटेगा, आलोक को याद कर बेहोश हो जा रही।

मां बार-बार एक ही बात पूछ रही – बाबू को कहां ले गए

आलोक की मां बार-बार बेहोश होकर गिर रही हैं। वो बात करने की स्थिति में नहीं है। परिवार के लोग उन्हें अकेला नहीं छोड़ रहे। बेटे की मौत के सदमे में पानी तक नहीं पी रही हैं। आंखों के आंसू सूख चुके हैं। आंख खोलते ही एक ही बात दोहराती हैं – मेरे बाबू को वो लोग कहां लेकर चले गए। लेकिन आस-पास बैठी कोई भी महिला उनके सवाल का जवाब सीधे नहीं दे पा रही हैं।

बस इतना ही कहती हैं – आ जाएगा, आप पानी तो पी लीजिए। जवाब में बस एक ही बात सुनने को मिलती है, बेटा जब तक वापस नहीं आएगा। कुछ नहीं लूंगी। हाथ जोड़कर पास बैठी महिलाओं से फिर कहती हैं, कि जाओ जल्दी बेटे को ले आओ। और फिर बेहोश हो जाती हैं।

सुरेश की बेटी ने मां से पूछा – आज इतनी भीड़ क्यों हैं?

नितिन और सुरेश तांडी आपस में सगे भाई हैं। आरोपियों ने दोनों भाइयों की हत्या कर दी। लेकिन सुरेश की बेटी को अब तक नहीं पता कि उसके पिता अब नहीं रहे। घर के बाहर भीड़ देख उसने अपनी मां से पूछा- हमारे यहां इतनी भीड़ क्यों लगी है।

मां कहती है – कुछ नहीं हुआ। और उसे अंदर भेज देती है। कुछ देर बाद दो शव वाहन आते हैं। नितिन और सुरेश के शवों को वाहन में डाला जाता है। बेटी फिर निकलकर बाहर आती है। बाहर बैठी एक महिला से पूछती है। पापा आए नहीं क्या अब तक। जवाब मिलता है- हां, रास्ते में हैं आ जाएंगे, अभी बात हुई है।

मासूम के सवालों के बीच उसके पिता की अर्थी का काफिला आगे बढ़ गया। लेकिन उसे उम्मीद है कि उसके पिता वापस लौटेंगे। नितिन की शादी 5 साल पहले हुई। उसके भी दो छोटे बच्चे हैं।

वारदात के बाद आरोपियों ने सेल्फी ली

वारदात के बाद कार में बैठकर विक्ट्री साइन दिखाता हुआ आरोपी।
खून से सने शर्ट पहनकर विक्ट्री साइन दिखाते हुए बदमाश। गाड़ी के पीछ पुलिस जवान खड़ा हुआ।

रायपुर से धमतरी घूमने गए थे 5 दोस्त

मृतकों की पहचान सूरज तांडी और नितिन तांडी (दोनों संतोषी नगर निवासी) और आलोक ठाकुर (सेजबहार निवासी) के रूप में हुई है। तीनों दोस्त रायपुर के अलग-अलग इलाकों में रहते थे और घूमने के लिए धमतरी आए थे। आलोक पेटी ठेकेदार का काम करता था, जबकि सूरज और नितिन ड्राइवरी करते थे। जिस ढाबे में वारदात हुई वो सिहावा रोड पर स्थित है।

ढाबे में आने वालों से बहस कर रहे थे बदमाश

SP सूरज सिंह परिहार ने बताया कि ढाबे में बदमाश खाना खा रहे थे और नशे में धुत थे। ढाबे वाले के साथ बिल पेमेंट को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद ढाबे के पास ही कार से कुछ युवक उतरे। इस दौरान बदमाश ढाबे की कुर्सी तोड़ रहे थे।

कार से उतरे युवकों ने उन्हें रोका। इसी बात पर रायपुर के युवकों और बदमाशों के बीच विवाद हुआ। मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने 3 लोगों को धारदार हथियार से मारा। जिससे 3 दोस्तों की जान चली गई।

शराब के नशे में की वारदात

इस मामले में देर रात ही 8 लोगों को पकड़ लिया गया था, जिसमें 3 नाबालिग भी शामिल है। एसपी ने बताया कि आरोपी रोजी मजदूरी का काम करते हैं, जिनके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने यह भी बताया कि शराब के नशे में यह वारदात की गई है।

घटना के बाद घायल युवकों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था।

सुशासन नहीं जंगल राज चल रहा- बैज

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि बीती रात को तीन लोगों की चाकू मारकर हत्या कर दी जाती है और वह सभी रायपुर के युवा है। रायपुर राजधानी में दिनदहाड़े 15 लाख की लूट हो जाती है। रायपुर में एक डिलीवरी बॉय की चाकू मार कर हत्या कर दी जाती है। आखिर सरकार कहा है?

कौन चला रहा है सरकार? लॉ एण्ड ऑर्डर कहां पर है? ये किसकी जिम्मेदारी है? छत्तीसगढ़ में सुशासन नहीं जंगल राज चल रहा है। अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

ज्यादा से ज्यादा पुलिस लगाई जाए- भाजपा

वारदात के बाद भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा- लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है। भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल एसपी से चर्चा करने पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्र से लेकर हर सेंसिटिव इलाकों में अधिक से अधिक पुलिस लगाई जाए।

रंजना साहू ने पिछली सरकार को कोसते हुए कहा कि महिला कमांडो को कांग्रेस की सरकार में कोई महत्व नहीं दिया गया। अब महिला कमांडो को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाए। आरोपियों के वाहन में बैठकर पोज देने वाली फोटो पर कहा कि यह शर्म की बात है।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर ये पोस्ट किया है-

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