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CG के नेशनल हाईवे पर मवेशियों की मौत मामले में नाराज हाईकोर्ट बोला- सही प्रयास करने में सरकार नाकाम; मुख्य सचिव-NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मांगा शपथपत्र

By Dinesh chourasiya

सड़क हादसों में लगातार मवेशियों की मौतों पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। - Dainik Bhaskar

बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर सड़क हादसों में लगातार हो रही मवेशियों की मौत पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार रोड मैप बनाने, मॉनिटरिंग करने सहित कई निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी शासन-प्रशासन इस दिशा में सही प्रयास करने में नाकाम है।

चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने एक बार फिर से प्रकरण में मुख्य सचिव और एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर को शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, स्टेट और नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की चपेट में आने से मवेशियों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। पिछले 20 दिन के भीतर ही 3 तीन हादसों में 50 से अधिक गौवंशों की मौत हो चुकी है।

गुरुवार (30 जुलाई) को बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे में हादसा हुआ, जिसमें अज्ञात वाहन ने 16 से अधिक गायों को कुचल दिया, जिससे 15 मवेशियों की जान चली गई।

शासन को रोडमैप बनाकर सख्त कदम उठाने के दिए निर्देश

बता दें कि स्टेट और नेशनल हाईवे में मवेशियों की मौतों और बढ़ते सड़क हादसों पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा है। जिसमें मुख्य सचिव को मवेशियों को सड़कों को हटाने के लिए किए जा रहे उपायों पर शपथपत्र मांगा गया।

साथ ही हाईकोर्ट ने रोड मैप बनाने, मानिटरिंग करने सहित कई निर्देश दिए। लेकिन, अब तक किए गए सारे प्रयास विफल साबित हुए।

जानिए हाईकोर्ट का आदेश

पिछले साल 17 जुलाई को सिलपहरी के पास तेज रफ्तार वाहन ने 9 मवेशियों के कुचल दिया। इस घटना को हाईकोर्ट ने संज्ञान में लिया था, जिसके बाद मुख्य सचिव को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था कि नेशनल हाईवे में मवेशियों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है? साल भर में अब तक दर्जन भर हादसों में 100 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है।

मवेशियों के गले में जियो टैगिंग लगाने की बनाई योजना

29 सितंबर 2024 राज्य सरकार ने बताया था कि मवेशियों को जियो टेगिंग वाला बेल्ट लगाने की योजना है। साथ ही सड़क पर बैठे मवेशियों की धरपकड़ की जा रही है।

प्रशासन ने इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी ही लगा दी है। पशुपालन विभाग ने मवेशियों के गले में जियो टेगिंग वाले बेल्ट भी लगाने शुरू कर दिए हैं।

हाईकोर्ट ने कहा था- समस्या दूर करने बनाएं रोडमैप

4 अक्टूबर 2024 को केस की सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या तत्काल दूर करने रोडमैप बनाने को कहा था। साथ ही मुख्य सचिव और एनएचएआई को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए थे।

एसओपी पर अमल नहीं

28 अप्रैल 2025 को राज्य सरकार ने बताया था कि समस्या के समाधान के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर लिया गया है। हाईकोर्ट में बाकायदा इसकी योजना प्रस्तुत की गई कि मवेशियों के लिए किस तरह व्यवस्था की जाएगी और इसमें कितना समय लगेगा। लेकिन, इसके बाद भी सरकार की एसओपी पर कोई अमल नहीं हो सका है।

नाराज चीफ जस्टिस बोले- CR में दर्ज करने को कहना पड़ेगा

बीते 16 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने लगातार हो रहे हादसों पर आई मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस सिन्हा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है। इसके बाद भी लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

पहले भी सुनवाई के दौरान नगर निगम से लेकर पंचायतों तक जवाबदेही तय की गई थी। लेकिन अब भी हादसे होना दुखद है। ऐसे में अब जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अफसरों के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज करने को कहना पड़ेगा।

सख्ती के बाद सक्रिय हुआ अमला, मवेशियों को पकड़ने का दावा

हाईकोर्ट का सख्त रवैया अपनाने के बाद नगर निगम प्रशासन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। 30 जुलाई की रात सड़क और खुले में घूमने वाले मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया।

इस दौरान शहर के सभी मुख्य मार्गों समेत अन्य हिस्सों से रात में 110 मवेशियों को सड़क से पकड़कर रहंगी गोठान में शिफ्ट करने का दावा किया गया है। निगम कमिश्नर अमित कुमार ने निर्देशित किया है कि शहर की सड़कों को मवेशी मुक्त बनाने अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।

खुलें में जानवर छोड़े तो होगी कार्रवाई

ऐसे पशु मालिक जो अपने पशुधन को खुलें में छोड़ देते हैं उनके खिलाफ नगरीय निकाय अधिनियम 358 के अनुच्छेद 2 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश निगम कमिश्नर ने दिए।

इसके अलावा समझाइश और जुर्माने के बाद भी लगातार अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ आईपीसी के तहत भी मामला दर्ज कराया जाएगा।

दो गौ पालक पर एफआईआर, गिरफ्तारी भी की

इधर, हाईकोर्ट की नाराजगी जाहिर करने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बीते दिनों चकरभाठा थाना क्षेत्र के कड़ार में हुए हादसे में 18 मवेशियों की मौत के बाद पुलिस ने तीन गौ पालकों की पहचान की है, जिनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

मामले की जांच के बाद पुलिस ने ग्राम कड़ार निवासी कमलेश्वर वर्मा (75) व विजय वर्मा (62) के खिलाफ बीएनएस की धारा 291 के तहत जुर्म दर्ज किया गया। साथ ही दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार मवेशी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बार-बार समझाइश के बाद भी लोग मवेशियों को घर में बांध कर रखने की बजाय बाहर छोड़ रहे हैं। ऐसे में सड़क हादसे की रोकथाम के लिए मवेशी मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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