छत्तीसगढ़ में करंट से चार मौतें, एक महिला गंभीर TI, डॉक्टर दंपती आए करंट की चपेट में,बिलासपुर में दो ने गंवाई जान
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ में बिजली करंट लगने की चार अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। सरगुजा में एक थाना प्रभारी (टीआई) की करंट लगने से जान चली गई। कोरबा में एक डॉक्टर और उनकी पत्नी करंट की चपेट में आ गए, जिसमें डॉक्टर ने दम तोड़ दिया, जबकि पत्नी की हालत गंभीर है। वहीं बिलासपुर में CSEB का एक ठेका कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति करंट लगने से अपनी जान गंवा बैठे।
पहली घटना: सरगुजा में थाना प्रभारी की करंट से मौत







पहली घटना सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र की है। यहां थाना प्रभारी राम साय (55 वर्ष) पैकरा की करंट से मौत हो गई। राम साय पैकरा की पोस्टिंग जशपुर के नारायणपुर थाने में थी। वो छुट्टी पर अपने सरगुजा जिले के गांव सूर आए थे। वे रविवार 27 जुलाई को घर में सीपेज ठीक कराने के लिए अपने पुराने मकान में जरूरत का सामान ढूंढ रहे थे, तभी खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गए। घर में रोशनी कम होने के कारण उन्हें तार नजर नहीं आया और वे चिपक गए।
पत्नी ने छुड़ाया, हो गई मौत बिजली के तार से चिपककर राम साय पैकरा जमीन पर गिर गए। पत्नी जब उन्हें ढूंढते हुए वहां पहुंची तो उन्होंने देखा कि राम साय जमीन पर गिरे हुए हैं और उनका हाथ तार से चिपका है। पत्नी ने झाड़ू से तार को हटाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पड़ोसियों की मदद से उन्हें सीतापुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीतापुर पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है।




निरीक्षक राम साय पैकरा इससे पहले कोरिया सहित कई जिलों में सेवाएं दे चुके थे। उनके निधन पर जशपुर एसपी शशि मोहन सिंह ने शोक जताया है।
दूसरी घटना: कोरबा में छत की सफाई करते डॉक्टर की मौत, पत्नी घायल
दूसरी घटना कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र की है। डॉक्टर कलीम रिजवी (45) और पत्नी डॉक्टर फिरदोस रिजवी (39) अपने घर पर ही क्लीनिक चलाते थे। दोनों रविवार को घर की छत पर साफ-सफाई कर रहे थे। डॉ. कलीम एक लोहे का पाइप उठा रहे थे, जो अचानक 11 हजार केवी बिजली के तार से टकरा गया और वे करंट की चपेट में आ गए।
पत्नी की हालत गंभीर
पति को बचाने की कोशिश में फिरदोस भी करंट की चपेट में आ गईं। परिवार के अन्य सदस्य आवाज सुनकर छत पर पहुंचे और दोनों को फौरन जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद कलीम रिजवी को मृत घोषित कर दिया। फिरदोस की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
बिजली विभाग और प्रशासन की लापरवाही
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना बिजली विभाग और प्रशासन की लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने पहले ही गिरी हुई हाई वोल्टेज लाइन की सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिला अस्पताल चौकी प्रभारी दाऊद कुजुर ने बताया कि जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर परिजनों का बयान दर्ज किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई जारी है।

तीसरी घटना: लोहे की सीढ़ी पकड़ा शख्स आया करंट की चपेट में
तीसरी घटना बिलासपुर के तिफरा इलाके की है। यहां एक दिन पहले बंदरों की छलांग से छत पर बिजली का केबल टूट गया था। केबल की मरम्मत के लिए इलेक्ट्रिशियन बुलाया गया था। यदुनंदन नगर निवासी श्यामू डाहिरे (30) नीचे लोहे की सीढ़ी पकड़े हुए थे।
अचानक सीढ़ी में करंट दौड़ गया और श्यामू उसकी चपेट में आ गए। साथी कर्मचारी उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की जांच की जा रही है
सिरगिट्टी टीआई किशोर केंवट ने बताया कि यदुनंदन नगर निवासी श्यामू डाहिरे जीएस मोटर्स का कर्मचारी है। वह नीचे लोहे की सीढ़ी पकड़े हुए था और सीढ़ी में अचानक करंट आने से उनकी मौत हो गई। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
चौथी घटना: सीएसईबी के ठेका कर्मचारी की मौत
चौथी घटना बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला बस्ती की है। 25 जुलाई की शाम मंगला बस्ती में सीएसईबी का ठेका कर्मचारी ईश्वर पटेल (43) बिजली के खंभे पर काम कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया और खंभे से नीचे गिर गया। आसपास मौजूद लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।




