अहमदाबाद में AICC अधिवेशन..ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन:भूपेश बघेल और सचिन पायलट के नाम शामिल; रणदीप सुरजेवाला संयोजक बनाए गए
By Dinesh chourasiya

कांग्रेस ने 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद, गुजरात में होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अधिवेशन के लिए 15 सदस्यीय ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट को कमेटी में शामिल किया गया है।







जबकि संयोजक रणदीप सुरजेवाला को बनाया गया है। राष्ट्रीय अधिवेशन में जिन मुद्दों को लेकर बात होनी है, उसका ड्राफ्ट यही कमेटी तैयार करेगी और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करेगी।

ड्राफ्टिंग कमेटी में कौन-कौन शामिल?
ड्राफ्टिंग कमेटी में संयोजक रणदीप सुरजेवाला के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इन नेताओं के नाम इस प्रकार हैं:




- रणदीप सुरजेवाला (संयोजक)
- भूपेश बघेल
- सचिन पायलट
- जयराम रमेश
- तारीक अनवर
- रजनी पाटिल
- दीपा दासमुंशी
- पीएल पुनिया
- बीके हरिप्रसाद
- गौरव गोगोई
- मनीष तिवारी
- विजय वडेट्टीवार
- मल्लू भट्टी विक्रमार्क
- बेनी बेहनन
- विक्रांत भूरिया
भविष्य की रणनीति होगी तैयार
इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस की नीतियों को मजबूत करना, संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करना और आगामी चुनावों की रणनीति तय करना है। ड्राफ्टिंग कमेटी पार्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर दस्तावेज तैयार करेगी और कांग्रेस की विचारधारा को स्पष्ट रूप से पेश करेगी।
इन मुद्दों पर होगा काम?
ड्राफ्टिंग कमेटी इन विषयों पर फोकस करेगी:
- आगामी चुनावों के लिए रणनीतिक दस्तावेज तैयार करना।
- राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी का स्टैंड तय करना।
- पार्टी के घोषणापत्र को और मजबूत बनाना।
- विपक्ष के हमलों का तथ्यों और प्रमाणों के साथ जवाब तैयार करना।
3000 से ज्यादा नेता होंगे शामिल
कांग्रेस का अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अधिवेशन 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजित होगा, जिसमें 3000 से अधिक नेता और पूरा केंद्रीय नेतृत्व शामिल होगा।
अधिवेशन की शुरुआत 8 अप्रैल को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से होगी, जिसके बाद 9 अप्रैल को एआईसीसी प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।
इस अधिवेशन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
हार के बाद नई रणनीति
गुजरात में कांग्रेस के लिए यह अधिवेशन अहम माना जा रहा है क्योंकि हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में मिली हार के बाद पार्टी संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस की भूमिका को और स्पष्ट करने के लिए यह अधिवेशन महत्वपूर्ण है।




