CG में नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते रंगे हाथों ACB की टीम ने दबोचा भूमि कब्जा हटाने के लिए मांगी थी 15 हजार की घूस, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा
By Dinesh chourasiya

कोंडागांव में एंटी करप्शन टीम ने नायब तहसीलदार दिनेश सिंह ठाकुर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। नायब तहसीलदार ने एक व्यक्ति की भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
जानकारी के अनुसार, महात्मा गांधी वार्ड निवासी राधाकृष्ण देवांगन ने अपनी भूमि पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत नायब तहसीलदार से की थी। नायब तहसीलदार ने कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए पहले 10 हजार रुपए लिए। इसके बाद उन्होंने 15 हजार रुपए और मांगे।







परेशान होकर एसीबी से की शिकायत
राधाकृष्ण ने रिश्वत मांगने से परेशान होकर एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद टीम ने कार्रवाई की। नायब तहसीलदार को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ा गया।
जगदलपुर के डीएसपी रमेश मरकाम ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी नायब तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।





छत्तीसगढ़ ACB रेड…14 महीने में 26 रिश्वतखोर पकड़ाए
वहीं, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 14 महीने में 26 अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते ट्रैप किया है। सबसे ज्यादा कार्रवाई रायगढ़ जिले में हुई है। यहां 6 महीने में ही 7 अफसर-कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं।
रिश्वतखोरी के मामले में कोरबा दूसरे नंबर पर
रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों में रेंजर, नगर पंचायत CMO, नापतौल निरीक्षक, डिप्टी रेंजर, पटवारी, लोकपाल मनरेगा और क्लर्क शामिल हैं। वहीं रिश्वत लेने के मामले में दूसरे नंबर में कोरबा जिला है, जबकि बिलासपुर में सिर्फ एक कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा है।
कोरबा में 5 केस पर एक्शन
ACB-EOW के मुताबिक कोरबा की बात करें तो टीम ने 5 प्रकरणों में राजस्व निरीक्षक, ASI, पटवारी को रिश्वत लेते पकड़ा है। इसके अलावा गौरेला, सक्ती, मुंगेली में ACB की टीम ने कार्रवाई की है। यहां से भी मनरेगा लोकपाल, राजस्व निरीक्षक, हाई-स्कूल के प्राचार्य को घूस लेते रंगेहाथों पकड़ा था।
2024 में 12 और 2025 में 14 फंसे
ACB के मुताबिक सरकारी विभागों में लोगों से काम के एवज में अच्छी खासी रकम मांगी जाती है। रिश्वतखोरों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में पीड़ितों ने शिकायत की। इसमें 2024 में 12 और 2025 में 14 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों पर एक्शन हुआ है।




