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BSP लोहा चोरी मामला में रसूखदार कारोबारी भास्कर मुदलियार गिरफ्तार:पुलिस बोली- जांच जारी, बढ़ सकती है आरोपियों की संख्या, अब तक मास्टरमाइंड समेत 17 अरेस्ट

By Dinesh chourasiya

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने शनिवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए रसूखदार कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान भास्कर मुदलियार की भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, वैशाली नगर के भास्कर मुदलियार की गाड़ियां लंबे समय से भिलाई स्टील प्लांट के अंदर चल रही थीं। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर उसकी भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में अब तक GM-AGM समेत कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, लोहा चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। जांच के दौरान नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिसके आधार पर आगे भी अन्य लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ लोहा चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। इसी वजह से पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

पुलिस विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भिलाई स्टील प्लांट में लोहा चोरी का यह मामला पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में है। अब रसूखदार कारोबारी भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस का दावा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।

प्लांट के अंदर से कर रहे थे मदद

पुलिस जांच में पता चला कि जनरल मैनेजर (GM) हिमांशु भूषण मलिक और असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM) मनोज कुमार देवांगन लोहा चोरी करने वाले गिरोह के संपर्क में थे और प्लांट के अंदर से उनकी मदद कर रहे थे।

जांच के अनुसार, बीएसपी से निकलने वाले फ्लू डस्ट में आयरन स्क्रैप मिलाकर उसे बाहर भेजा जाता था। बाद में यह स्क्रैप एके ट्रेडर्स में जमा किया जाता था।

26 मई को हुआ था मामले का खुलासा

26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 में छापा मारा था। जांच के दौरान कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री मिली थी।

मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया गया था। इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। जब्त सामान और वाहनों की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए आंकी गई थी। इसमें लगभग 90 लाख रुपए का लौह स्क्रैप शामिल था।

क्या है फ्लू डस्ट और फ्लाई एश

स्टील प्लांट, ब्लास्ट फर्नेस, स्पंज आयरन या धातु उद्योगों की चिमनी (Flue) से निकलने वाली महीन धूल। इसमें लौह कण (Iron), जिंक, सीसा और अन्य धातुएं हो सकती हैं। इसे डस्ट कलेक्टर या बैग फिल्टर से एकत्र किया जाता है। फ्लू डस्ट का जिक्र आमतौर पर स्टील उत्पादन से जुड़ा होता है।

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