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भिलाई में ‘बिहार दिवस’…गायकों ने बिहारी गाने गाए:CM साय-प्रदेश प्रभारी हुए शामिल, विरोध करने आए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता गिरफ्तार

By Dinesh chourasiya

बिहार दिवस आयोजन के विरोध में पुतला दहन - Dainik Bhaskar

 भिलाई में बिहार दिवस के मौके पर “स्नेह मिलन कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिहार के मंत्री नितिन नबीन और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में गायकों ने बिहारी गाने गाए। इस मौके पर बिहारी समाज के लोग और उनके नेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भाजपा के विधायक, जिला स्तरीय पदाधिकारी और अन्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। वहीं आयोजन का विरोध करने आए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। जिससे विरोध नहीं हो सका।

बिहार दिवस के कार्यक्रम में CM साय शामिल हुए

सरकार बनाने में रहा बिहारी समाज का सहयोग – CM

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज जो बीजेपी की सरकार बनी है उसमें बिहार के मंत्री नितिन नबीन और बिहारी-भोजपुरी समाज के लोगों का भी बहुत सहयोग है। उन्होंने कहा बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां मिलकर साथ-साथ चल रही है।

उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा कुनकुरी में हर साल 10 हजार से अधिक बिहारी और छत्तीसगढ़ी लोग मिलकर छठ पर्व मानते हैं, इसे देखते हुए उन्होंने एक करोड़ की लागत से छठ घाट का भी निर्माण कराया है।

भिलाई में बैकुंठ धाम तालाब में हुए छठ घाट के निर्माण को लेकर उन्होंने वैशाली नगर विधायक को सराहा, उन्होंने कहा विधायक रिकेश सेन ने चुनाव के समय जो गंगाजल की कसम खाई थी उसे पूरा करके दिखाया है।

बिहार के मंत्री नितिन नबीन

बिहार अब बदल गया है – नितिन नबीन

बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार अब वह राज्य नहीं रहा जो खराब सड़कों और गड्ढों के लिए जाना जाता था। अब बिहार विकास का राज्य बन चुका है। यहां विकास की बाजार चल रही है। बिहार में बड़े-बड़े नेशनल हाईवे और सड़कों का निर्माण हो रहा है।

नबीन ने कहा कि बिहार तपोभूमि है। वहां से कर्पूरी ठाकुर और डॉ राजेंद्र प्रसाद जैसे बड़े नेताओं का जन्म हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में रह रहे बिहार समाज के लोगों से कहा कि वह जो बिहार छोड़कर आए हैं अब उनका बिहार बदल गया है।

छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना को क्रांति के बारे में जानकारी ही नहीं

बिहार दिवस का आयोजन छत्तीसगढ़ में मनाए जाने पर छत्तीसगढ़ी क्रांतिसेना ने विरोध पर सरयू पारी ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रभु नाथ मिश्रा ने कहा कि, छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना को क्रांति के बारे में जानकारी ही नहीं है। उन्होंने केवल क्रांति नाम रख लिया है। जैसे कोई राम का नाम रख लेता है और राम का चरित्र नहीं है, तो उसे नाम का कोई अर्थ नहीं होता, इसलिए छत्तीसगढ़ क्रांति सेवा का नाम ही निरर्थक है।

भाजपा नेता दया सिंह ने कहा कि, वह इस विरोध को लेकर कोई कमेंट नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यदि बिहार महोत्सव मनाया जा रहा है, तो बिहार में भी छत्तीसगढ़ की स्थापना के दिन छत्तीसगढ़ महोत्सव मनाया जाएगा। बीजेपी पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के उद्देश्य को लेकर चलती है। इसी सोच के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने खोला मोर्चा

बता दें कि इस आयोजन के विरोध के में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मोर्चा खोल दिया है। क्रांति सेना के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को “बाहरी जनता पार्टी” बताया है।

छत्तीसगढ़िया युवा क्रांति सेना के जिला उपाध्यक्ष चेतन चंदेल ने कहा कि इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को बिहार, यूपी, पंजाब और साउथ सहित सभी राज्य के संस्कृति दिखाई दे रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ी बोली भाषा और संस्कृति नहीं दिखाई दे रही है।

भिलाई में बिहार दिवस कार्यक्रम का विरोध हुआ।

राजनीति से प्रेरित कार्यक्रम – छत्तीसगढ़ क्रांति सेना

शुक्रवार को भिलाई के सुपेला चौक में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने बिहार के तिहार कार्यक्रम का विरोध किया। उन्होंने बीजेपी सरकार का पुतला दहन करके उनके खिलाफ नारेबाजी की और इस आयोजन को राजनीति से प्रेरित कार्यक्रम बताया।

ऐसे आयोजन न हो – रोशन बघेल

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष रोशन बघेल ने शासन प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के कार्यक्रम से सामाजिक सौहार्द्र और सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए ऐसे आयोजन नहीं होने चाहिए।

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