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भिलाई में ललित कबाड़ी के नए ठिकाने पर दुर्ग पुलिस की रेड:हथखोज में बेटा चला रहा था यार्ड,काटे जा रहे थे चोरी के ट्रक और गाड़ियां

By Dinesh chourasiya

प्रेम कबाड़ी के यार्ड में पुलिस की रेड कटने के लिए खड़ा ट्रैंकर - Dainik Bhaskar

दुर्ग जिले का सबसे बड़ा कबाड़ी और कुख्यात अपराधी ललित कबाड़ी के नए ठिकाने पर दुर्ग पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा है। इस यार्ड को उसका बेटा प्रेम साहू चला रहा था। पुलिस ने जब हथखोज स्थित उसके नए ठिकाने पर छापा मारा तो वहां चोरी के कई ट्रक काटे जा रहे थे।

आपको बता दें कि ललित कबाड़ी ने अपने कबाड़ का गोडाउन पहले गोकुल नगर में बना रखा था। वहां पुलिस ने कई बार रेड की कार्रवाई की। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया ग्राम जरवाय में एक नया गोडाउन बनाया। इस गोडाउन का संचालन उसका बेटा प्रेम साहू चला रहा था। वहां चोरी के ट्रक और अन्य गाड़ियों को खरीदकर काटने का काम किया जा रहा था।

दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला को जैसे ही इसकी जानकारी लगी, उन्होंने एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर के नेतृत्व में एक जंबो टीम बनाई। इसमें भिलाई नगर सीएसपी के साथ भिलाई तीन पुलिस, जामुल पुलिस, छावनी पुलिस और खुर्सीपार पुलिस को शामिल किया गया। पुलिस ने गुरुवार शाम को यहां छापा मारा।

छापेमारी के दौरान मिले कई ट्रकों के पार्ट्स और इंजन

जब पुलिस ने यहां छापेमारी की तो वहां ललित का बेटा प्रेम साहू ट्रक, टैंकर, हाईवा और बड़े कबाड़ के माल को कटिंग करवा रहा था। इन गाड़ियों के इंजन एवं पार्ट्स को अलग-अलग करवा रखा गया था। उसे वो अलग-अलग कंपनियों को रायपुर भेजने वाला था। इससे पहले की वो इसे वहां भेज पाता दुर्ग पुलिस की टीम ने रेड मार दी।

कई ट्रक कटने के लिए खड़े थे, मालिक का किया जा रहा पता

ललित कबाड़ी के बेटे का यह यार्ड भिलाई 3 थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जरवाय, उम्दा रोड इंडस्ट्रियल एरिया शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के जस्ट बगल से बना है। जब पुलिस ने यहां छापा मारा तो कई ट्रक व गाड़ियां कट ररही थीं और एक बड़ा टैंकर काटने के लिए खड़ा किया गया था। इसके साथ ही चार-पांच गाड़ियों के इंजन और पार्ट्स भी काट के रखे हुए हैं जो लोड होकर बाजार में जाने के लिए तैयार थे।

कबाड़ लोड करने रखा गया था जेसीबी हाइड्रा

ललित कबाड़ी के बेटे का कबाड़ का यह अवैध व्यवसाय इतना बड़ा है, कि वहां उसे लोड करने के लिए उसने बकायदा एक हाइड्रा और जेसीबी भी रखा हुआ था। ये जेसीबी और हाइड्रा हमेशा यार्ड के अंदर ही खड़े रहते थे। इनकी मदद से कबड़ा ट्रक में लोड किया जाता था और फिर बिकने के लिए भेज दिया जाता था।

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