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भिलाई में नशे में गाली-गलौज की तो दिव्यांग को मार डाला 3 नाबालिग समेत 4 गिरफ्तार

By Dinesh chourasiya

हत्या के मामले का खुलासा करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar

दुर्ग के जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र में आईआईटी कॉलेज के पास दिव्यांग युवक की लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें 3 नाबालिग लड़के भी शामिल हैं। इन चोरों ने नशे में गाली-गलौज कर विवाद करने पर दिव्यांग की हत्या की थी। इसके बाद रुपए लूट लिए और लाश तालाब के पास फेंक दी। फिर उसके ई-रिक्शा को छिपा दिया।

मामला का खुलासा एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर और सीएसपी भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी ने किया। उन्होंने बताया कुटेलाभाटा आईआईटी के गेट नंबर 2 के पास स्थित तालाब के किनारे 18 जनवरी को एक शव मिला था। उसकी पहचान लालदास चतुर्वेदी के रूप में हुई थी। वह कोसा नगर सुपेला में रहता था। लालदास 16 जनवरी की शाम 7 बजे से लापता था। जब वो 17 जनवरी को घर नहीं आया तो परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

आरोपी को पकड़कर ले जाती पुलिस।

सुपेला पुलिस मामले की जांच कर रही थी। उन्हें पता चला कि आईआईटी के पास 40-45 साल के उम्र के युवक का शव मिला है। तुरंत सुपेला थाने में दर्ज गुम इंसान के परिजनों को बुलाया गया और उसकी पहचान कराई गई। उसकी पहचान लालदास चतुर्वेदी के रूप में होने के बाद सुपेला पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिए भेजा।

सीएम मेडिकल कॉलेज में पीएम के बाद उसमें पाया गया कि लालदास की मौत पानी में गिरने से नहीं बल्कि शरीर में कई गहरी चोट आने से हुई है। उसके साथ मारपीट की गई है। इसके बाद सुपेला पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसकी जांच शुरू की गई।

इसी दौरान लालदास के परिचित योगेश्वर गोलू देशलहरे ने पुलिस को बताया कि 16 जनवरी की शाम 7-8 बजे के बीच कुछ लोग कोसा नाला के पास स्थित कुर्मी भवन के पास लालदास से मारपीट कर रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस ने जब हत्या के मामले की जांच शुरू की तो मुखबीर से सुचना मिली कि आयुश बागड़े और उसके 3 साथियों ने मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने बोगदा पुलिया के पास आयुश और उसके साथियों को गिरफ्तार किया। आयुष पहले ही एक आपराधिक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस को इसी दौरान लालदास से मारपीट का फुटेज मिला, जिससे आयुष बागड़े की पहचान हो गई।

ई-रिक्शा भी किया गया जब्त

आरोपियों ने लालदास की हत्या करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को लालदास उन्हें मिला था। वो काफी नशे में था। सभी को गाली दे रहा था। इसी को लेकर उन्होंने उसे मारा। इससे वो बेहोश हो गया तो वे लोग उसी के ई-रिक्शा में उसे लेकर आईआईटी के पास तालाब किनारे फेंक दिया और ई-रिक्शा को छिपा दिया। पुलिस ने ई-रिक्शा को भी बरामद कर लिया है।

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