Uncategorized

भिलाई में बीमारी से परेशान महिला ने खुद को लगाई आग ,6 महीने पहले पति की हो गई थी मौत

By Dinesh chourasiya

प्रभा साहू मृतिका - Dainik Bhaskar

भिलाई के कुरुद बस्ती में 50 वर्षीय महिला प्रभा साहू ने बीमारी से तंग आकर खुद को आग लगा ली। महिला के शव को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना जामुन थाना क्षेत्र की है।

महिला की छोटी बेटी तेजेश्वरी ने बताया कि, उसकी मां के शरीर में तेज जलन होने की बीमारी थी। उसे इतनी तेज जलन होती थी कि, वो उसे बर्दाश्त नहीं कर पाती थी। घर में कमाने वाली दो बहने हैं। काफी इलाज कराने के बाद जब बीमारी ठीक नहीं हुई, तो उमां ने खुदकुशी कर ली।

तीन बेटियों के साथ रहती थी मां

तेजेश्वर ने बताया कि, बड़ी बहन जमुना शादी के बाद ससुराल में है। घर में उसकी मां और तीन बेटियां रहती हैं। तेजश्वरी बीए सेकंड ईयर की छात्रा है। उससे बड़ी दो बहने धनेश्वरी रामनगर और गलेश्वरी रुंगटा कॉलेज में काम करने जाते हैं।

मंगलवार सुबह उसकी दोनों बड़ी बहने काम पर चली गई थी। तेजेश्वरी भी मां को कॉलेज जाने की बात कहकर सुबह 11 बजे घर से निकली थी। मां ने उससे कहा कि, घर के बाहर का दरवाजा बाहर से बंद कर चली जाना। तेजेश्वरी दरवाजा बंद कर कॉलेज चली गई।

दोपहर करीब डेढ़ बजे जब वो घर वापस आई, तो आवाज लगाने पर मां नहीं बोली। घर के अंदर खोजते-खोजते जब वो पीछे बाड़ी की तरफ पहुंची, तो पीछे कमरे में उसकी मां जली पड़ी थी। तेजेश्वरी की चीख सुनकर आस पड़ोस वाले पहुंचे। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और फिर शव को मॉर्चुरी पहुंचाया गया।

पिता की 6 महीने पहले हो चुकी है कैंसर से मौत

तेजेश्वरी ने बताया कि, उसके पिता गोपाल साहू को कैंसर था। 25 जून 2024 को उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनका घर बिखर सा गया था। मां भी काफी टेंशन में थी, जिससे उसे अजीब सी बीमारी ने घेर लिया। दो बड़ी बहनें बाहर काम कर किसी तरह घर चलाती हैं।

मरने की बात बोलने पर समझाती थी बेटियां

प्रभा साहू शरीर में जलन होने पर काफी रोती थी। वो अपनी बेटियों से कहती थी कि वो खुदकुशी कर लेगी। जब वो मरेगी तभी उसे बीमारी से निजात मिलेगी। इस पर उसकी बेटियां उसे समझाती थी कि पिता के बाद वो सब एक दूसरे का सहारा हैं। कोई भी मरा तो पूरा घर टूट जाएगा। प्रभा की मौत ने बेटियों के सिर से मां और बाप दोनों का साया छीन लिया।

Related Articles

Back to top button