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CG हेड-कॉन्स्टेबल की पत्नी-बेटी की हत्या में एक से अधिक आरोपी : फरार आरोपी कुलदीप के साथियों को पुलिस ने उठाया; सूरजपुर छावनी में तब्दील भारी फोर्स तैनात

By Dinesh chourasiya

सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में फरार आरोपी कुलदीप साहू के साथ अन्य आरोपियों के शामिल होने की आशंका है। शक के आधार पर पुलिस ने उसके कुछ साथियों को हिरासत में लिया है। आरोपी की तलाश के लिए कई जिलों के अफसरों को सूरजपुर बुलाया गया। देर शाम आईजी, एसपी और कलेक्टर के साथ नगर के मुख्यमार्गों से फ्लैग मार्च भी निकाला गया।

दोनों शवों को गृहग्राम मनेंद्रगढ़ लाया गया था। आज सुबह टीवी टावर रोड स्थित निवास से उनका जनाजा निकाला गया। एसपी ने भी जनाजे को कांधा दिया, फिर मौहारपारा के कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

SP चंद्रमोहन सिंह ने भी जनाजे को कंधा दिया।
आक्रोशित लोगों ने कुलदीप साहू के घर और गाड़ियों को आग के हवाले किया था।

जानिए क्या है पूरा मामला

रविवार की रात सूरजपुर के आदतन बदमाश कुलदीप साहू ने चौपाटी में एक आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल डाल दिया था। उसकी तलाश में लगे पुलिसकर्मियों पर उसने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की। इनमें हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख भी शामिल था। रात में कुलदीप साहू ने तालिब शेख के घर घुसकर उसकी पत्नी मेहू फैज और बेटी आलिया की हत्या कर दी।

घर से 5KM दूर खेत में मिले थे शव

पुलिस को मां-बेटी का शव पांच किलोमीटर दूर खेत में पड़े होने की सूचना सोमवार को ग्रामीणों ने दी। उनके घर में शवों को घसीटे जाने के निशान मिले हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों को भी आरोपियों ने फोड़ दिया था। घटना की परिस्थितियों को देखते हुए हत्याकांड में एक से अधिक आरोपियों के शामिल होने की आशंका है।

बवाल के बाद छावनी बना सूरजपुर

घटना से आक्रोशित लोगों ने कुलदीप साहू के घर और मानपुर में स्थित गोदाम में आग लगा दी। आगजनी से कुलदीप साहू के गोदाम और घर में लाखों का सामान जल गया है। आगजनी रोकने पहुंचे सूरजपुर एसडीएम जगन्नाथ वर्मा को भी लोगों ने पीट दिया। नगर बंद कराने के साथ ही थाने के सामने लोगों ने घंटों प्रदर्शन किया।

आरोपी की कार जब्त, खून ही खून फैला था कुलदीप साहू की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। सूरजपुर एसपी एमआर आहिरे ने बताया कि कुलदीप साहू का पुलिस ने पीछा किया तो उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चलाते हुए भागा है। पुलिस ने उसकी कार जब्त की है, जिसमें खून फैला हुआ मिला है।

पुलिस ने कुलदीप साहू के साथ रहने वाले कई युवकों को अलग-अलग स्थानों से उठाया है और उन्हें अलग-अलग थानों में रखकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कुलदीप साहू और परिजनों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस में डाल दिया है। लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस संरक्षण से ही बेखौफ अपराधी बना कुलदीप घटना का मुख्य आरोपी कुलदीप साहू कुख्यात बदमाश है। कुलदीप के पिता अशोक साहू और चाचा संजय साहू ने वर्षों से कबाड़ के कारोबार में करोड़ों रुपए की संपत्ति बनाई। चोरी का पूरा सामान उनके कबाड़ दुकान में खपता है। हर माह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर थानेदार तक को लाखों दिए जाते थे।

कबाड़ कारोबार में पुलिस अधिकारियों को पैसे देने और उनके साथ लगातार उठने-बैठने से कुलदीप साहू का हौसला इतना बढ़ा हुआ था कि वह जिला बदर की कार्रवाई के दौरान थाने से कुछ दूर स्थित घर में ही रहता रहा।

सरगुजा आईजी अंकित गर्ग ने कहा कि पुलिस लगातार आरोपियों पर कार्रवाई कर रही थी। कुलदीप इस कारण जिला बदर भी हुआ था। कार्रवाई के कारण ही उसने पुलिसकर्मियों को अपना दुश्मन मान लिया था।

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