चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा पुल:भिलाई स्टील प्लांट से भेजा गया 12,432 टन लोहा,सेल की कई इकाइयों से लोहे की आपूर्ति
By Dinesh chourasiya

जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा पुल बनाया गया है। इसमें सेल की इकाई भिलाई स्टील प्लांट का लोहा इस्तेमाल किया गया है। इस ब्रिज के लिए सेल की अलग-अलग इकाइयों से लोहे की आपूर्ति की गई है। इसमें अकेले 12432 टन लोहा भिलाई के प्लांट से भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक, विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निर्माण के लिए सेल ने 16,000 टन लोहे की आपूर्ति की है। जिसके तहत प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चर शामिल हैं। इसमें 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स सहित हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेट शामिल हैं।







पुल के निर्माण के लिए सेल ने भिलाई इस्पात संयंत्र से 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड से शेष लोहे की आपूर्ति की है।
विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है चिनाब नदी का ब्रिज
जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना पुल विश्व का सबसे ऊंचा ब्रिज है। इस ब्रिज की ऊंचाई की बात की जाए तो ये नदी तल से 359 मीटर है। 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल पेरिस के प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। इस पुल के निर्माण में लगभग 29,000 मीट्रिक टन स्टील, 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क, 66,000 क्यूबिक मीटर से अधिक कांक्रीट और 84 किलोमीटर रॉक बोल्ट और केबल एंकर का प्रयोग किया गया है।




इस ब्रिज में है अद्भुत क्षमता
इंजीनियरों की माने तो यह पुल 266 किमी प्रति घंटे हवा की तेज रफ्तार और उच्चतम तीव्रता के भूकंपीय तरंगों का सामना करने में सक्षम है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के तहत यह पुल जो कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है।
देश की कई बड़ी परियोजनाओं में लगा है बीएसपी का लोहा
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) उच्च गुणवत्ता और मजबूती वाले लोहे का निर्माण करता है। यही कारण है कि कई राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं जैसे बांधों, पुलों, सुरंगों, फ्लाईओवरों और एक्सप्रेसवे सहित ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र में सेल से लोहा सप्लाई किया गया है। इसमें भिलाई स्टील प्लांट से सर्वाधिक मात्रा में लोहा सप्लाई किया गया है।
बांद्रा-वर्ली सी-लिंक में भी लगा भिलाई का लोहा
भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक के साथ ही मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण में किया गया है।
भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रांत और अन्य युद्धपोतों के निर्माण में भी भिलाई का उपयोग किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भी बीएसपी से बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की गई है।







