छत्तीसगढ़ के 43 BJP नेताओं को Y+,Y,X कैटेगरी की सुरक्षा:बीजापुर जिलाध्यक्ष ने गृहमंत्री शाह को लिखी थी चिट्ठी; नक्सली हमले की जताई थी आशंका
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले बस्तर के 43 बीजेपी नेताओं को Y+, Y और X कैटेगरी की सुरक्षा दी है। दरअसल, हाल ही में बीजापुर बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि नक्सली बीजेपी नेताओं को टारगेट कर रहे हैं।
बस्तर के 43 बीजेपी नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान और कमांडो होंगे। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर, और नारायणपुर जिले के नेताओं को सुरक्षा देने का आदेश जारी किया गया है। सुरक्षा में तैनात जवान प्रदेश पुलिस के ही होंगे। सुकमा बीजेपी जिलाध्यक्ष धनीराम बारसे को सबसे हाई Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।







इनको मिली सुरक्षा


डर के साए में बस्तर के बीजेपी नेता
बीते दो सप्ताह में नक्सली बीजापुर जिले में दो बीजेपी नेताओं की हत्या कर चुके हैं। यही वजह है कि नेताओं ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ही सुरक्षा देने की गुहार लगाई। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए कहा था कि सरकार अपने नेताओं को ही सुरक्षा नहीं दे पा रही है।
इसके बाद पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश में सुकमा जिले के 6, बीजापुर जिले के 10, दंतेवाड़ा के 17, जगदलपुर के 4, कोंडागांव के 1, कांकेर से 4 और नारायणपुर जिले के एक बीजेपी नेता को सुरक्षा देने की बात कही गई है।





बीजेपी नेता ने अमित शाह को लिखी थी चिट्ठी
बीजापुर जिले के बीजेपी नेता श्रीनिवास मुदलियार ने 7 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। जिसमें कहा गया था कि ‘राज्य सरकार के नक्सल विरोधी अभियानों से बौखलाकर नक्सली बीजेपी नेताओं को निशाना बना रहे हैं। बीजापुर जिला धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, लिहाजा बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर हमेशा मौत का भय बना रहता है।
उन्होंने पत्र में लिखा- ‘हाल ही में पार्टी के एक नेता की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद पदाधिकारियों में डर का माहौल है। कई नेता लगातार नक्सलियों के निशाने पर हैं, वे रात में अपना ठिकाना बदल-बदलकर रह रहे हैं।
बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हुई थी हत्या
दंतेवाड़ा से बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या 9 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनाव प्रचार से घर लौटने के दौरान हुई थी। नकुलनार के श्यामगिरी गांव के पास IED लगाकर नक्सलियों ने उनके काफिले को विस्फोट से उड़ा दिया था। इसमें विधायक भीमा मंडावी उनके ड्राइवर, सुरक्षाकर्मी समेत कुल चार लोगों की मौत हो गई थी।
घटना के बाद एंटी नक्सल ऑपरेशन के डीजी गिरधारी नायक ने दावा किया था भीमा मंडावी को अलर्ट किया गया था। उन्हें नक्सल मूवमेंट की जानकारी देते हुए दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई थी।
किस कैटेगरी की सुरक्षा का क्या मतलब
X श्रेणी की सुरक्षा: इस श्रेणी में 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। जिसमें एक PSO (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है।
Y श्रेणी की सुरक्षा: इसमें कुल 8 से 10 सुरक्षाकर्मी होते हैं। जिसमें दो PSO (निजी सुरक्षागार्ड) भी होते हैं। इस श्रेणी में कोई कमांडो नहीं होता है।
Y प्लस श्रेणी सुरक्षा: इसमें 8 से 10 सुरक्षाकर्मी होते हैं। इनमें 1 या 2 कमांडो और 2 PSO भी होते हैं। बीजेपी नेताओं के साथ CG पुलिस और प्रदेश पुलिस आर्म्स फोर्स के कमांडो होंगे।
कौन देता VVIP को सिक्योरिटी?
भारत में VVIP को कई सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सिक्योरिटी दी जाती है। इसमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) जैसी एजेंसी शामिल हैं। प्रदेशों में ये अधिकार राज्य पुलिस के पास होता है।
इस सुरक्षा को लेने के लिए सरकार को एप्लीकेशन देनी होती है, इसके बाद खुफिया एजेंसी व्यक्ति को होने वाले खतरे का अंदाजा लगाती है और इसके बाद ही सुरक्षा तय की जाती है।




