
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की अग्रिम जमानत पर फैसला बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा 540 करोड़ के कोल घोटाले में ED ने बनाया आरोपी मगर क्या बेल होगी या जेल सस्पेंस बरकरार
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले के आरोपी भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की अग्रिम जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास की बेंच में हुई। इस दौरान ईडी ने अग्रिम जमानत देने को लेकर आपत्ति जताई।
रायपुर की विशेष अदालत ने देवेंद्र की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने माना था कि इस पूरे स्कैम से जुड़े पैसे का इस्तेमाल उन्होंने चुनाव में किया था। इसके बाद विधायक ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।








ED ने किया अग्रिम जमानत देने का विरोध
गुरुवार को विधायक के वकील ने तर्क देते हुए कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत देवेंद्र यादव के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। लिहाजा, उन्हें अपराधी नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कोर्ट से कहा कि किसी केस के आरोपी को केवल जानने से कोई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपी नहीं बनाया जा सकता।
इस केस में विधायक को सिर्फ इसलिए आरोपी बनाया गया है क्योंकि, वो सूर्यकांत तिवारी को जानते हैं। सुनवाई के दौरान ED के वकील ने अग्रिम जमानत देने का विरोध किया और ED की जांच में मिले साक्ष्यों को बताया। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।




अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर की वसूली
ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट को बताया कि विधायक देवेंद्र यादव सहित दूसरे आरोपियों के खिलाफ ED ने आरोप पत्र पेश किया है, जिसमें स्पष्ट है कि कोल मामले में अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर वसूली की।
जेल में कोल स्कैम घोटाले के आरोपी
इस मामले में रानू साहू, निखिल चंद्राकर के अलावा विनोद तिवारी, देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय, आरपी सिंह, रोशन सिंह, पीयूष साहू, नवनीत तिवारी, मनीष उपाध्याय, नारायण साहू आरोपी बनाए गए हैं। नारायण साहू और पीयूष साहू दोनों ही सूर्यकांत तिवारी के स्टाफ हैं।
रानू साहू और निखिल चंद्राकर के अलावा इनमें से किसी एक को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। खबर है कि इन्हें पकड़ा जा सकता है। हालांकि इन आरोपियों के वकीलों ने जमानत हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी है।
540 करोड़ रुपए के कोल घोटाले में ईडी ने निलंबित IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत 6 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। ये सभी ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल में हैं।
समझें कि क्या है कोल स्कैम
- ED ने छत्तीसगढ़ में जांच के बाद 540 करोड़ के कोल लेवी स्कैम का खुलासा किया था। इसमें IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया।
- इसके अलावा कांग्रेस नेता और कुछ कारोबारी भी ED के जांच के दायरे में रहे। इन लोगों से पूछताछ की गई है और इनके घरों से कुछ दस्तावेजों को भी जब्त किया गया । ईडी ने पिछले साल 540 करोड़ के अवैध कोल परिवहन का केस दर्ज किया है।
- कोल परिवहन में कोयला एजेंसियों से प्रति टन 25 रुपए कमीशन वसूलने का आरोप है। ये वूसली सिंडीकेट करता था, सिंडीकेट के लोगों के नाम पर ही FIR हुई है।





