भिलाई में PM ने 50 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का किया उद्घाटन:280 करोड़ से तैयार प्लांट से होगी 360 करोड़ के राजस्व की बचत
By Dinesh chourasiya

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 24 फरवरी को भिलाई चरोदा क्षेत्र में बने 50 मेगावाट रेलवे सोलर पावर प्लांट को राष्ट्र के नाम समर्पित कर दिया है। यह सोलर प्लांट 280 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। बिलासपुर और रायपुर में भी योजनाओं का शुभारंभ किया गया।
रेलवे के जीएम आलोक कुमार ने बताया कि इस सोलर पावर प्लांट शुरू होने से रेलवे को बड़ी मात्रा में एनर्जी की सप्लाई मिलेगी। सोलर पॉवर प्लांट, ऊर्जा से रेल गाड़ियों का परिचालन, ग्रीन इनर्जी, क्लीन इनर्जी के संकल्पना का विकास, कार्बन डायऑक्साइड के उत्सर्जन में प्रतिवर्ष 86000 टन की कमी और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







भिलाई चरोदा और जंजगिरी के बीच में स्थित है प्लांट
भिलाई के चरोदा और जंजगिरी के करीब बना यह सोलर पॉवर प्लांट रेलवे का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी सोलर प्लांट है। इससे बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। अभी इसका ट्रायल चल रहा है। ट्रायल के तौर पर यहां बिजली पावर ग्रिड, रायपुर को भेजी जा रही है।
इससे भारतीय रेलवे न सिर्फ विद्युत ऊर्जा की बचत करेगा, बल्कि हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा देगा। साथ ही इससे हर साल कई करोड़ रुपए का राजस्व भी बचेगा।




रायपुर पावर ग्रिड को दे रहा बिजली
यहां 33 केवी क्षमता का एक बिजली सब स्टेशन बनाया गया है। यहां बिजली संग्रहित की जा रही है। दूसरा सब स्टेशन 33/220 केवी क्षमता का पावर प्लांट से करीब 4 किलोमीटर दूर कुम्हारी स्थित पावर ग्रिड कारपोरेशन के सब स्टेशन के पास बनाया गया है।
दूसरे सब स्टेशन से बिजली की सप्लाई रायपुर पावर ग्रिड को दी जा रही है। जितनी बिजली रेलवे ग्रिड को देगा, उतनी ही बिजली छत्तीसगढ़ या भारत के अन्य राज्य में ग्रिड से ले लेगा
मौसम का पड़ता है असर
सोलर पावर प्लांट से बिजली उत्पादन में मौसम का असर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश होने से, हवा-तूफान और तकनीकी समस्या आने पर उत्पादन प्रभावित होता है। इसी तरह से रात में उत्पादन शून्य हो जाता है।
यहां ट्रायल के दौरान बुधवार को तकनीकी समस्या के चलते बिजली की सप्लाई बंद हो गई थी। इसके बाद सोलर प्लांट को ब्रेक डाउन किया गया। इसके बाद मरम्मत का कार्य किया गया।
27 साल के लिए जमीन दिया लीज पर
रेलवे ने 200 एकड़ भूमि को इस काम के लिए 27 साल के लिए लीज पर दिया है। इसे पूर्णता स्थापित किया जा चुका है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि जनवरी 2023 में इसका काम पूरा हो जाएगा। लेकिन ये पूरी तरह से 2024 में बन पाया है।

25 साल तक करेगा 50 मेगा वाट ऊर्जा का उत्पादन
सोलर पॉवर प्लांट तैयार करने वाली कंपनी को 25 साल तक 50 मेगा वाट सोलर पावर प्लांट का मेंटेनेंस करना है। इससे निर्मित ऊर्जा को रायपुर रेल मंडल रेल परिचालन के लिए ट्रेक्शन के रूप में उपयोग करेगा। आगामी समय में रायपुर रेल मंडल अपनी कुछ गाड़ियों को सोलर पावर एनर्जी से संचालित करेगा।
360 करोड़ रुपए के राजस्व की होगी बचत
यह प्रोजेक्ट करीब 280 करोड़ से पूरा हुआ है। इससे 25 साल में रेलवे को 360 करोड़ से अधिक राजस्व के बचत होने का अनुमान है। इस सोलर पावर प्लांट से हर दिन करीब ढाई लाख यूनिट एनर्जी उपलब्ध कराई जा रही है।
वैशाली नगर विधानसभा में भी आयोजित हुआ कार्यक्रम
इधर, वैशाली नगर कॉलेज में भी “विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़” लाभार्थी समारोह का आयोजन शनिवार को किया गया। इस आयोजन में भारत के प्रधानमंत्री ने लाइव संबोधित किया। इन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में वैशाली नगर सहित दुर्ग भिलाई के लोग पहुंचे थे।
इस कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद सरोज पाण्डेय, रेलवे के जीएम आलोक कुमार, विधायक रिकेश सेन, भिलाई नगर निगम के आयुक्त, भिलाई नगर के सीएसपी, डीआरएम संजीव कुमार, आईजी रोम गोपाल गर्ग और कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधीरी और एसपी जितेंद्र शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




