छत्तीसगढ़

मणिपुर में फिर हिंसा 2 की मौत, 45 घायल:तेंगनौपाल में 2 जगह फायरिंग, सड़क पर भीड़ मौजूद, तनाव बरकरार

By Dinesh chourasiya

पैलेल में भीड़ को हटाने के लिए असम राइफल्स के जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे।

मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के पैलेल में ​​​​​​फायरिंग की दो अलग-अलग घटनाओं में गुरुवार को दो लोगों की मौत हो गई। 45 अन्य घायल हो गए। इनमें से 4 को गोली लगी है।

पुलिस ने बताया कि पैलेल में सुबह करीब 6 बजे अज्ञात पुरुषों के दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे तुरंत ककचिंग के अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं गोली लगने से घायल एक और व्यक्ति को इंफाल क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ले जाया गया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर है।

पैलेल में आंसू गैस के गोले दागे, 50 महिलाएं घायल
गोलीबारी की घटना के बारे में सुनकर थौबल और काकचिन जिले से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पैलेल पहुंची, लेकिन असम राइफल्स के जवानों ने उन्हें रोक लिया। यहां भी दो समूहों के बीच गोलीबारी में 48 साल के व्यक्ति की मौत हो गई।

हालात काबू करने के लिए असम राइफल्स के जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे। इसमें करीब 50 महिलाएं ओर कुछ जवान भी शामिल हैं। दूसरी तरफ भीड़ को काबू करने के लिए इंफाल से पैलेल जा रहे RAF कर्मियों के दल को स्थानीय लोगों ने थौबल में रोक दिया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है। गोलीबारी भी रुकी हुई है।

पांच जिलों में कर्फ्यू जारी
बुधवार को हजारों प्रदर्शनकारी बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई में इकट्ठा हुए थे। वे सभी तोरबुंग में अपने सूने पड़े घरों तक पहुंचने के लिए सेना के बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद एहतियात के तौर पर मणिपुर के सभी पांच घाटी जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।

3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में अब तक 160 से अधिक लोग मारे गए हैं। मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि नागा और कुकी सहित आदिवासी 40 प्रतिशत हैं और ज्यादातर पहाड़ी जिले में रहते हैं।

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