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CG में पूर्व विधायक ने अपने खून से लिखी सीएम को चिट्ठी:बिजली बिल को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, कहा-400 यूनिट तक बिल आधा किया जाए

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल को लेकर कांग्रेस का विरोध तेज हो गया है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को खून से लिखी चिट्ठी भेजकर बिजली बिलों में राहत की मांग की है। इसके साथ ही कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के नाम चिट्ठी लिखकर बिजली बिल हाफ योजना फिर से लागू करने की मांग की।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने फायर ब्रिगेड चौक पर इकट्ठा होकर बिजली बिलों में राहत की आवाज उठाई।

सीएम को अपने खून से कांग्रेस नेताओं ने लिखी चिट्ठी।

खून से लिखी चिट्ठी, कांग्रेस का जोरदार विरोध

विकास उपाध्याय समेत कांग्रेस नेताओं ने खून से चिट्ठी लिखकर मुख्यमंत्री से यह अपील की है कि 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा किया जाए। उनका कहना है कि, महंगाई और बढ़े हुए बिजली बिलों के कारण गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि, भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान बिजली बिल हाफ योजना लागू करने का वादा किया था, लेकिन अब वादे पर अमल नहीं हो रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान एनडीए सरकार ने मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस पर कोई चर्चा नहीं की गई।

महतारी वंदन योजना के नाम पर बिजली बिलों की वसूली

उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर महतारी वंदन योजना के नाम पर जनता से 1000 रुपए लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह रकम बिजली बिलों के जरिए वसूली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा सिर्फ चुनावी राजनीति करती है और जनता के विश्वास का फायदा उठाना जानती है। लेकिन अब जनता महंगी बिजली और बढ़े हुए बिलों के खिलाफ अपना विरोध खुलकर जताएगी।

इस विरोध प्रदर्शन में विकास उपाध्याय, पंकज शर्मा, कुमार मेनन, आकाश तिवारी, सुंदर जोगी, अशोक ठाकुर, देव कुमार साहू, और कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने जोर दिया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को शीघ्र ही राहत देना होगा।

क्या है कांग्रेस की मांग?

  • बिजली बिल हाफ योजना को फिर से लागू किया जाए।
  • 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा किया जाए।
  • महंगाई से प्रभावित गरीब और मध्यम वर्ग को राहत दी जाए।

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