
दुर्ग के धमधा खेत में एक दिन में निकला 2 अजगर अजगरों का ‘हॉटस्पॉट’ बना घोटवानी गांव, अब तक 8 अजगर मिलने से ग्रामीण चिंतित
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित घोटवानी गांव इन दिनों अजगरों की लगातार मौजूदगी के कारण चर्चा में है। 3 दिसंबर को एक ही दिन में दो विशाल अजगर पकड़े गए, जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल है। शइ गांव में अब तक कुल आठ अजगर निकल चुके हैं।
पहली घटना 3 दिसंबर की सुबह उस समय सामने आई जब किसान राजकुमार वर्मा के खेत में काम कर रहे मजदूरों ने एक भारी-भरकम अजगर को कुंडली मारे देखा। सांप को देखते ही गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत 112 की टीम और वन विभाग को सूचना दी गई।







सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ा
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुछ मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। टीम अभी अजगर को लेकर धमधा की ओर जा ही रही थी कि गांव से एक और अजगर दिखने की खबर मिली।
वहीं, दूसरा अजगर गांव के बुधारू साहू के खलिहान में पाया गया। इस बार ग्रामीणों ने गांव के युवक वेदराज संतु वर्मा की मदद ली, जिन्होंने बिना किसी अफरा-तफरी के सांप को नियंत्रित किया और उसे सुरक्षित वन विभाग के हवाले कर दिया।





अजगरों का ‘हॉटस्पॉट’ बना गांव
एक ही दिन में दो अजगरों के मिलने से पूरे गांव में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण आपस में चर्चा कर रहे हैं कि घोटवानी गांव अजगरों का ‘हॉटस्पॉट’ क्यों बन गया है।
गांव के बुजुर्गों का मानना है कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण जंगल के निचले इलाकों से अजगर बहकर गांव की तरफ आ गए हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद ये सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में खेतों, मेड़ों और खलिहानों में प्रवेश कर रहे हैं।
गांव में अब डर का माहौल है। लोग रात होने के बाद खेतों की तरफ जाने से बच रहे हैं। बच्चों को भी घर से दूर खेलने नहीं भेजा जा रहा है। पशुपालक भी सतर्क हो गए हैं, क्योंकि अजगर अक्सर छोटे जानवरों को अपना शिकार बनाते हैं।
सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील
वन विभाग के जवान ओयंबक साहू ने बताया कि अजगर सामान्य प्रजाति का होता है और जहरीला नहीं होता। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि डरने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और सांप दिखते ही 112 या वन विभाग को तुरंत सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।





