
अमित बघेल रायपुर से गिरफ्तार 26 दिनों से थे फरार:सरेंडर से पहले पुलिस ने अरेस्ट किया, 12 राज्यों में FIR, मां के अंतिम-संस्कार के लिए मांगेंगे जमानत
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन सरेंडर के 10 मिनट पहले ही गिरफ्तारी हो गई। बड़ी संख्या में समर्थकों का जमावड़ा है। वहीं कोर्ट और थाने के आस-पास सुरक्षा बढ़ाई गई है। आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में करीब 26 दिनों से फरार थे।
वहीं शुक्रवार को अमित बघेल की मां का निधन हो गया है। उनके शव को उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। बघेल अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बेल के लिए अप्लाई कर सकते हैं।







इसके पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि, अपनी जुबान पर लगाम रखें। जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें। कोर्ट ने साफ कहा था कि कोई राहत नहीं दी जाएगी और कानून अपना काम करेगा।





अमित बघेल के खिलाफ 12 राज्यों में दर्ज हैं मामले
24 नवंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि, वह FIR क्लबिंग जैसे किसी मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं करेगा। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि, पुलिस आपको अलग-अलग राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है।




पुलिस अलर्ट पर, कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा
कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। बैरिकेडिंग और सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। गिरफ्तारी के बाद तुरंत रिमांड प्रक्रिया की तैयारी है। सरेंडर की पुष्टि होते ही पुलिस उन्हें अपने कब्जे में ले सकती है।
अब पढ़िए अमित बघेल ने क्या कहा था ?
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी। अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किया था।
जानिए क्या है मूर्ति विवाद ?
दरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। अगले दिन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली।
हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी।




