छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के अनियमित कर्मचारी  सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा  14 को करेंगे मुख्यमंत्री निवास का घेराव 

By Dinesh chourasiya

 

 

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होना है, जिसके चलते सियासी गलियारों में घमासान मचा हुआ है. प्रदेश सरकार सत्ता में वापसी के लिए हर वर्ग का साधने में लगी हुई है. वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ के अनियमित कर्मचारी भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे. कर्मचारी नियमितीकरण सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे. छग अनियमित कर्मचारी मोर्चा के प्रांतीय संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने बताया कि 14 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा. इस प्रदर्शन में अनियमित, संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी शामिल रहेंगे.

छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा के प्रांतीय संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, प्लेसमेंट, मानदेय, अशंकालिक, जाबदर, ठेका, अपने नियमितीकरण सहित 4 सूत्रीय मांगों को लेकर “छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा और छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन” के संयुक्त तत्वावधान में 14 जुलाई 23 को धरना-प्रदर्शन और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगा.

रामकुमार सिन्हा प्रांतीय संयोजक छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन ने बताया कि कांग्रेस ने अपने “जन-घोषणा-पत्र” के बिंदु क्रमांक 11 और 30 में अनियमित, संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने का वादा किया है. अनियमित मंच से 14.02.2019 को मुख्यमंत्री ने स्वयं वचन दिए कि इस वर्ष किसानों लिए है, आगामी वर्ष कर्मचारियों का होगा. अनियमित संघों के आवेदनों का परिक्षण करने कमेटी बनाई गई जो आज पर्यंत रिपोर्ट नहीं सौंप सकी है. अद्यतन लगभग साढ़े चार वर्ष उपरांत भी प्रदेश के अनियमित कर्मचारी (संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, प्लेसमेंट (आउटसोर्सिंग), मानदेय, जॉबदर, अंशकालीन, ठेका) अनियमित ही है. वादा के विपरीत कांग्रेस की सरकार नियमितीकरण और आउटसोर्सिंग बंद नहीं किया, कर्मचारियों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन एवं संविदा वेतन वृद्धि रोक दिया गया, कई विभागों से छटनियां कर दी गई है.

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