Uncategorized

दुर्ग कलेक्टर की कमेटी करेगी कुम्हारी-अग्निकांड की जांच:3 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी टीम, घर में सिलेंडर ब्लास्ट होने से चार लोग जिंदा जले थे 

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी।

इस हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई थी, लेकिन अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद जांच की दिशा बदल सकती है।

परिवार के चार लोगों की जिंदा जलने से हुई थी मौत।

13 मई को जारी हुआ आदेश

कलेक्टर कार्यालय की ओर से 13 मई को जांच समिति गठन का आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार नगर पालिका परिषद कुम्हारी के वार्ड क्रमांक-4 महामाया पारा में 12 मई को हुई आगजनी की घटना की विस्तृत जांच की जाएगी।

जांच कमेटी की जिम्मेदारी मिलाई-3 के तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी रवि विश्वकर्मा को सौंपी गई है।

जांच कमेटी में 6 अधिकारी शामिल

  • सेनानी नगर सेना दुर्ग नागेंद्र सिंह
  • मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुम्हारी नेतराम चंद्राकर
  • मिलाई-3 थाना प्रभारी अम्बर सिंह भारद्वाज
  • सीन ऑफ क्राइम दुर्ग की वैज्ञानिक अधिकारी स्मिता भारद्वाज
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुम्हारी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अविनाश पाठक
  • छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता विजय कुमार बंजारे

16 मई तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

कलेक्टर ने जांच टीम को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद हादसे की असली वजह और संभावित जिम्मेदारों की तस्वीर साफ हो सकेगी।

सीसीटीवी में नहीं दिखा शॉर्ट सर्किट

12 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे अनिल वैष्णव के घर में अचानक आग लगी थी। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट को इसकी वजह बताया था। बताया गया था कि आग तेजी से घर तक पहुंची और किचन में रखे गैस सिलेंडर ने आग को और भयानक बना दिया। कुछ देर बाद सिलेंडर फटने से पूरा मकान आग की चपेट में आ गया।

हालांकि अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज में बिजली के खंभे से चिंगारी या आग निकलती नजर नहीं आ रही है। फुटेज में घर के अंदर से धुआं उठने के बाद आग फैलती दिखाई दे रही है। पूरी घटना महज ढाई मिनट के भीतर घटित होती नजर आई।

मजदूरी करता था अनिल

मृतक अनिल वैष्णव कुम्हारी की एक स्टील कंपनी में मजदूरी करता था। हादसे के दिन उसकी छुट्टी थी। इस अग्निकांड में अनिल, उसकी दिव्यांग बेटी लक्ष्मी, दूसरी बेटी चांदनी और डेढ़ वर्षीय मासूम गोपिका की मौत हो गई।

वहीं हादसे के समय अनिल की पत्नी गिरजा, बेटा गौतम, बेटी भारती और पिता राधेश्याम घर से बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर उसी दिन सुबह घर लाया गया था।

धमाका इतना तेज था कि घर के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद मकान पूरी तरह जल गया और मलबे से चारों के शवों के अवशेष बरामद किए गए।

Related Articles

Back to top button