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CG के इस जिले में कुत्तों को नसबंदी के बाद बिरयानी खिला रहा नगर निगम

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नगर निगम आवारा कुत्तों को नसबंदी के बाद बिरयानी खिलाई जा रही है। बीजेपी मेयर जीवर्धन चौहान ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि नसबंदी के बाद कुत्ते कमजोर न हों, इसलिए निगम ने ऐसा प्रावधान किया है, लेकिन विपक्ष को विकास हजम नहीं हो रहा है।

वहीं कुत्तों को बिरयानी खिलाने को लेकर निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने बीजेपी मेयर जीवर्धन चौहान को घेरा है। उन्होंने ने कहा कि अब आवारा कुत्ते भी बिरयानी खाएंगे। कुत्तों को चिकन या मटन किसकी बिरयानी खिलाई जाएगी। इसके लिए फंड किस मद से खर्च किया जाएगा।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, रायगढ़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। पिछले दिनों रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान खुद नसबंदी केंद्र पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कुत्तों की देखभाल और दिए जाने वाले भोजन की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान ने कुत्तों को पौष्टिक आहार देने की बात कही। उन्होंने अपने बयान में कुत्तों को खिचड़ी, दलिया और बिरयानी का जिक्र किया। महापौर के इसी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

रायगढ़ नगर निगम आवारा कुत्तों की नसबंदी के बाद बिरयानी, खिचड़ी और दलिया खिला रहा है। (फाइल फोटो AI जनरेटेड)

चिकन या मटन की खिलाएंगे बिरयानी- कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने कहा कि, अगर आवारा कुत्तों को बिरयानी खिलाई जाएगी, तो यह स्पष्ट किया जाए कि वह चिकन की होगी या मटन की। साथ ही सवाल उठाया कि इसके लिए शासन से कोई आदेश आया है या नहीं। खर्च किस मद से किया जाएगा।

भोजन की दर तय, क्या खिलाना एजेंसी पर निर्भर- महापौर

वहीं, महापौर जीवर्धन चौहान ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि नसंबदी का काम विधिवत टेंडर प्रक्रिया के तहत एजेंसी को सौंपा गया है। पशु विभाग के डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। निगम ने भोजन के लिए एक तय दर निर्धारित की है।

नसबंदी से घटेगी आवारा कुत्तों की संख्या

मेयर का कहना है कि रायगढ़ में नसबंदी करने से डॉग की संख्या कम होगी। कांग्रेस की मानसिकता है कि काम नहीं करो और करने नहीं दो। निगम का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि, नसबंदी के बाद आवारा कुत्तों को बेहतर देखभाल और सुविधा मिले।

सुप्रीम कोर्ट बोला-आवारा कुत्तों की नसबंदी-टीकाकरण कर छोड़ें

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में कहा था कि जिन कुत्तों को पकड़ा जाता है, उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर जहां से उठाया है, वहीं वापिस छोड़ दिया जाए। हालांकि, रेबीज से संक्रमित और आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों को शेल्टर होम में ही रखा जाए।

कोर्ट ने आदेश दिया कि कुत्तों को पब्लिक प्लेस में खाना न दिया जाए और नगर निगम इसके लिए अलग जगह बनाए। कोर्ट ने कहा कि ये आदेश दिल्ली समेत पूरे देश में लागू होगा। साथ ही याचिका में शामिल व्यक्ति 25 हजार और NGO 2 लाख रुपए कोर्ट में जमा कराएं।

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