
Accident : सड़क पर फिसले स्कूटी सवार दम्पति, गिरते ही हाइवा के नीचे आई पत्नी की दर्दनाक मौत, पति गंभी
कोरबा: सड़क पर जमी धूल की मोटी परत ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। नई स्कूटी में अपने गृहग्राम जा रहे सिंचाई कर्मी उसकी पत्नी उरगा थाने के ठीक सामने पहुंचे ही थे कि धूल पर स्कूटी फिसल गई। गिरते ही पत्नी हाइवा के चपेट में आ गई। उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पति को भी गंभीर चोटें आई है। इलाज मेडिकल अस्पताल में जारी है।
सिंचाई विभाग में पदस्थ कर्मी रामाधार मरार अपनी पत्नी ज्योति मरार के साथ सोल्ड स्कूटी में अपने गृहग्राम बम्नीडीह के लिए सुबह निकले थे। कोरबा-चांपा मार्ग पर उरगा थाने के ठीक सामने पहुंचे ही थे कि हादसे का शिकार हो गए। थाने के ठीक सामने खनिज विभाग का कांटाघर है। कांटाघर होने की वजह से दिनभर भारी वाहनों के आने-जाने से सड़क पर धूल की मोटी परत बिछ गई है।







कांटाघर से एक हाइवा तौल कराकर जैसे सड़क पर पहुंचा। बाइक सवार दंपत्ति हड़बड़ा गए। धूल पर स्कूटी फिसल कर गिर गई। पीछे बैठी ज्योति मरार सड़क पर गिर गई। जबकि पति रामाधार मरार सड़क के दूसरी ओर गिरा। कांटाघर से निकले हाइवा ने ज्योति मरार को चपेट में ले लिया। उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मुख्य मार्ग पर जाम लग गया।
उरगा थाने के स्टॉफ ने घायल पति को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल भेजा। मौके पर परिजन अधिक संख्या में पहुंच गए थे। वाहन को हटाकर शव को पीएम के लिए भिजवाया गया। इधर घटना को अंजाम देने वाले ड्रायवर ने उरगा थाने में सरेंडर कर दिया।
धूल की मोटी परत का जिम्मेदार कौन?




सड़क हादसे की मुख्य वजह धूल की मोटी परत जमी होना है। पर इसका जिम्मेदार कोई नहीं है। सड़क निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी का कहना है कि हमारा काम सड़काें का निर्माण, गड्ढों की रिपेयरिंग करना है। माइनिंग विभाग का कहना है कि कांटाघर सड़क के किनारे है। कांटाघर की व्यवस्था संभालनी हमारी जिम्मेदारी है। पुलिस सड़क पर मोटी परत साफ नहीं करा सकती तो आखिर इस डस्ट का जिम्मेदार कौन है।
भिलाईखुर्द से लेकर उरगा तक सड़क किनारे गड्ढे
मानिकपुर खदान मोड़ से लेकर उरगा तक बाइक पर चलना मुश्किल भरा सफर साबित हो रहा है। सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग के चलते गड्ढे हो गए थे। बाइक सवार या छोटे वाहन साइड करने के लिए सड़क से नीचे उतरते हैं तो फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है। इस जगह पर मिट्टी पाटकर सामांतर करने की जरुरत है।







