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रायपुर में 8वीं की छात्रा ने फांसी लगाई:टीचर की शिकायत पर स्कूल में बुलाया, शाम को छात्रा ने की आत्महत्या, 

By Dinesh chourasiya

रायपुर में 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा आकांक्षा सेन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह छत्तीसगढ़ नगर स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में पढ़ती थी। बच्ची के खिलाफ दूसरे बच्चों ने एक टीचर को अपशब्द कहे जाने की शिकायत की थी। इसके बाद बच्ची के पेरेंट्स को स्कूल बुलाया गया था।

वहीं छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि, स्कूल में बच्ची को डांटा-फटकारा गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसी से परेशान होकर उसने ये कदम उठाया। मामले में टिकरापारा थाने में शिकायत की गई है।

इस मामले में परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर जाकर प्रदर्शन भी किया। स्कूल पहुंचे पूर्व पार्षद देवेंद्र यादव ने कहा कि, छात्रा की मां सोमवार शाम करीब 4 बजे स्कूल पहुंची थीं, लेकिन उन्हें गेट से ही वापस भेज दिया गया। इससे बच्ची के आहत होने की आशंका है।

वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल इंद्राणी दुबे ने बच्चों को प्रताड़ित करने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि एक टीचर पर कमेंट की शिकायत पर बच्चियों से बात की गई थी और उन्हें अगले दिन अपने पेरेंट्स के साथ आने के लिए कहा गया था।

8वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा आकांक्षा सेन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, स्कूल प्रबंधन के मुताबिक शुक्रवार (9 अक्टूबर) को लंच के दौरान खेलते समय 8वीं क्लास की 4 बच्चियों ने स्कूल की टीचर गंगोत्री के लिए अपशब्द कहे थे। जिसमें आकांक्षा भी शामिल थी। ये बात छठवीं के कुछ बच्चों ने सुनी और इसकी शिकायत शिक्षिका से की।

शिक्षिका के शिकायत के बाद प्रिंसिपल ने चारों बच्चियों को बुलाकर इस बारे में पूछा। प्रिंसिपल ने बताया कि उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने टीचर के लिए ऐसी कोई बात कही है, जिससे उन्हें दुख पहुंचा हो।

उन्होंने बच्चियों को शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने की समझाइश भी दी। प्रिंसिपल के मुताबिक, बच्चियां चुप रहीं और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद छठवीं कक्षा के उन बच्चों को बुलाया गया, जिन्होंने टीचर के लिए अपशब्द कहे जाने की शिकायत की थी।

प्रिंसिपल ने कहा कि इसके बाद बच्चियों को अगले दिन अपने माता-पिता के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था। उन्होंने बच्चियों को प्रताड़ित करने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चों से बातचीत के दौरान इतनी ही बात हुई थी।

पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में कोई बात नहीं की गई

पूर्व पार्षद देवेंद्र यादव के मुताबिक शनिवार को स्कूल में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग थी। इसमें आकांक्षा सेन के पिता भी पहुंचे थे, लेकिन उस समय उनसे इस मामले पर कोई बात नहीं की गई। सोमवार को बच्चियों को फिर बुलाकर कहा गया कि वे अपने माता-पिता को लेकर नहीं आई हैं।

मां को गेट से लौटाने का आरोप, घर में बच्ची ने लगाई फांसी

उन्होंने कहा कि सोमवार शाम करीब 4 बजे आकांक्षा की मां स्कूल पहुंचीं, लेकिन उन्हें गेट से वापस भेज दिया गया। उनसे मुलाकात तक नहीं की गई। सोमवार (12 अक्टूबर) की शाम करीब साढे़ 6 से 7 बजे घर में बच्ची की लाश फंदे पर झूलते मिली।

इसके बाद मंगलवार को परिजन, स्थानीय नेता और बाकी लोग स्कूल के बाहर पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सरस्वती शिक्षा मंदिर स्कूल के खिलाफ टिकरापारा थाने में शिकायत की। उनका कहना है कि, स्कूल प्रबंधन का रेसीडेंस भी स्कूल कैंपस में है।

पूर्व पार्षद ने कहा कि बच्चे इस उम्र में भावुक होते हैं। ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंधन को संवेदनशीलता से काम लेना चाहिए। उनके मुताबिक, आकांक्षा अपनी मां से बहुत जुड़ी हुई थी। उन्होंने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

दूसरे परिजन बोले- बेटी ने कहा, ऐसी कोई बात नहीं हुई

4 बच्चियों में से एक के परिजन ओमप्रकाश साहू ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया कि वे अपनी पत्नी के साथ स्कूल आएं। उन्होंने फोन पर चार बार पूछा कि बच्चों से क्या कहा गया है, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्हें यही कहा गया कि स्कूल आ जाइए, बाकी बात वहीं होगी।

परिजन के मुताबिक, शाम को ऑफिस से घर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में पूछा। बेटी ने कहा कि पापा, ऐसी कोई बात नहीं हुई है। उन्हें दोपहर 12 से साढ़े 12 बजे के बीच स्कूल बुलाया गया था।

पढ़ाई में अच्छी थी आकांक्षा

आकांक्षा पढ़ाई में अच्छी थी और हर कक्षा में फर्स्ट आती थी। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने टिकरापारा थाने में शिकायत की है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही ह

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