भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी का सिलसिला नहीं थमा, भिलाई के छावनी में कट रहा था लोहा, विधायक की पहल से पहुंची पुलिस, कार्यवाही जारी
By Dinesh chourasiya

*भिलाई इस्पात संयंत्र की राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा पर फिर सवाल, छावनी में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर पुलिस की कार्रवाई, संगठित गिरोह को बेनकाब करने की मांग तेज*







भिलाई नगर, 11 अक्टूबर। भिलाई इस्पात संयंत्र से कथित तौर पर लगातार हो रही लोहा चोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की स्वीकृति मिलने और इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी हैं। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को आज भिलाई के छावनी क्षेत्र में बीएसपी से चोरी का लोहा काटे जाने की खबर पर उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पुलिस को सूचना दी गई। श्री सेन ने सीआईएसएफ के डीआईजी और दुर्ग एसपी से चर्चा कर लोहा चोरी रोकने कड़ी पहल के निर्देश दिए हैं।
विधायक रिकेश सेन ने बताया कि सूचना के आधार पर उनकी टीम छावनी क्षेत्र स्थित पांडेय कबाड़ी के गोदाम पहुंची, जहां बड़ी मात्रा में लोहा और काटकर अलग किए गए लोहे के टुकड़े मिले हैं। मामले की सूचना तत्काल दुर्ग पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वहां जब्ती की कार्रवाई जारी है।
*सीबीआई जांच की मांग के पीछे लंबी मुहिम*




बीएसपी से कथित लोहा चोरी के मामले को विधायक रिकेश सेन की मांग के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा मामले की सीबीआई जांच की स्वीकृति दिए जाने और राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने को इस मुहिम का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अब इस प्रकरण में जांच की कार्रवाई आगे बढ़ने और कथित चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
*जांच की स्वीकृति के बाद भी चोरी जारी रहने का आरोप*
विधायक रिकेश सेन का कहना है कि सीबीआई जांच की स्वीकृति के बाद भी यदि बीएसपी का लोहा चोरी होकर कबाड़ के गोदामों तक पहुंच रहा है, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उनके मुताबिक, ताजा सूचना में लोहे को धर्मकांटा से निकलने के बाद रास्ते में रोक कर काटने, अलग-अलग हिस्सों में रखने और फिर गंतव्य तक पहुंचाने की आशंका सामने आई। सूचना मिलने पर उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी जुटाई और पुलिस को अवगत कराया।
छावनी क्षेत्र में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर हुई कार्रवाई से भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बरामद सामग्री की वास्तविक मात्रा, उसके बीएसपी से संबंध, परिवहन के दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
*राष्ट्रीय संपत्ति को दीमक की तरह चाट रहा संगठित गिरोह*
विधायक रिकेश सेन ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से चल रही कथित लोहा चोरी के कारण राष्ट्रीय संपत्ति को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने नुकसान की राशि हजारों करोड़ रुपये तक होने का दावा करते हुए कहा कि इस पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक नुकसान का आंकलन हो सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।
विधायक ने कहा कि केवल चोरी का माल बरामद करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि चोरी की कथित गतिविधियों को किस तरह अंजाम दिया जाता रहा, माल किन रास्तों से बाहर निकाला गया, उसे किन लोगों ने खरीदा और इस पूरे नेटवर्क को किनका संरक्षण या सहयोग प्राप्त था।
उन्होंने कहा कि पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) अथवा बीएसपी के अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से ही चोरी संभव है। ऐसे लोगों पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यह आरोप जांच का विषय है और किसी भी व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित की जानी चाहिए।
*दुर्ग पुलिस की कार्रवाई से खुल सकते हैं अहम सुराग*
छावनी क्षेत्र में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर पुलिस की कार्रवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौके से मिले लोहे की पहचान, उसके स्रोत, परिवहन संबंधी दस्तावेजों और कथित तौर पर काटकर रखे गए माल की जांच से कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।
विधायक सेन ने कहा कि दुर्ग पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन राष्ट्रीय संपत्ति की कथित चोरी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाना आवश्यक है। उन्होंने पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को बेहद जरूरी बताया है।
*अब सीबीआई की कार्रवाई पर टिकी निगाहें*
बीएसपी से कथित लोहा चोरी का मामला अब केवल चोरी और कबाड़ के कारोबार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा, औद्योगिक व्यवस्था की जवाबदेही और संभावित संगठित नेटवर्क की जांच से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। विधायक रिकेश सेन की लगातार पहल के बाद सीबीआई जांच की स्वीकृति मिलना इस दिशा में अहम घटनाक्रम है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच की प्रक्रिया कितनी शीघ्र आगे बढ़ती है और कथित लोहा चोरी के पीछे सक्रिय लोगों तथा संभावित सहयोगियों की भूमिका किस तरह सामने आती है। विधायक ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से पूरे प्रकरण की परतें खुलेंगी और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।




