नशीली दवाओं की तस्करी,3 दोषियों को 10 साल की जेल: दुर्ग न्यायालय का फैसला
By Dinesh chourasiya







दुर्ग जिले के सेलूद में नशीली टैबलेट बेचने के मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने तीन आरोपियों को 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त साधारण जेल काटनी होगी।




वहीं, रायपुर के रहने वाले मोहम्मद कैश को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट ने बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश पीएस मरकाम ने 9 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
नीली बाइक पर नशीली टैबलेट बेचने पहुंचे थे आरोपी
अभियोजन के मुताबिक, 9 जनवरी 2026 को उतई पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेलूद धान मंडी के पास नीले रंग की बाइक पर कुछ युवक नशीली टैबलेट बेचने के लिए खड़े हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की और तीन युवकों को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान त्रिलोकी यादव (27), निवासी सतनामी पारा, सेलूद, थाना उतई, जिला दुर्ग और चेमन विश्वकर्मा (20) व हकीम खान (24), दोनों निवासी इंदिरा नगर, कुरूद, जिला धमतरी के रूप में हुई।
तलाशी में मिले 412 कैप्सूल
पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली तो त्रिलोकी यादव के पास से 48 कैप्सूल मिले। वहीं, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान के कब्जे वाली प्लास्टिक की बोरी से 364 कैप्सूल बरामद किए गए। इस तरह कुल 412 कैप्सूल जब्त किए गए, जिनका वजन 263.68 ग्राम था।
पुलिस ने नशीली दवाओं के साथ बाइक, मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की थी। जब्त सामान की कुल कीमत 1 लाख 37 हजार 200 रुपए बताई गई थी।
बाइक, मोबाइल और नकदी भी जब्त
पुलिस के मुताबिक, त्रिलोकी के पास से कैप्सूल के अलावा रियलमी मोबाइल और अन्य सामान मिला था। वहीं, चेमन और हकीम के कब्जे से नशीली टैबलेट के साथ यामाहा बाइक (CG05AL4236), रियलमी और वनप्लस मोबाइल फोन और नकदी जब्त की गई थी।
इस मामले में पुलिस ने नशीली दवाओं की बिक्री और उससे जुड़े कारोबार की जांच की। जांच के दौरान रायपुर के रहने वाले मोहम्मद कैश का नाम भी सामने आया था।
मोहम्मद कैश को कोर्ट ने किया बरी
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि आरोपी नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के लिए आपस में मिले हुए थे और इसमें आर्थिक मदद भी दी गई थी। हालांकि, कोर्ट को मोहम्मद कैश के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इस वजह से उसे दोषमुक्त कर दिया गया। तीनों दोषियों को आर्थिक मदद देने के आरोप में भी संदेह का लाभ मिला।
तीनों को 10-10 साल की जेल
कोर्ट ने त्रिलोकी यादव, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के साथ धारा 29 के तहत दोषी पाया। तीनों को 10-10 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इसके अलावा, कोर्ट ने जब्त नशीली दवाओं के निपटारे, नकदी और मोबाइल फोन को राजसात करने और बाइक के अधिहरण को लेकर भी आदेश दिए हैं।




