दुर्ग में ठगी के पैसों से पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र:अस्पताल में रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल मांगा, खाते से 1.48 लाख उड़ाए; आरोपी गिरफ्तार
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिला अस्पताल में मरीज के परिजन से रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल वहां से चला गया और उसी फोन का इस्तेमाल कर बैंक खाते से 1 लाख 48 हजार 301 रुपए निकाल लिए। शिकायत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से ठगी के पैसों से पत्नी के लिए खरीदा गया सोने का मंगलसूत्र, मोबाइल, घड़ी, पावर बैंक और 20 हजार 200 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत 55 हजार 700 रुपए है।








मामला 5 सितंबर का है। ग्राम महमरा निवासी कुलेश्वर निषाद अपने पिता के इलाज के लिए शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में मौजूद था। पिता का इलाज चल रहा था, इसलिए वह अस्पताल में उनकी देखभाल कर रहा था। इसी दौरान एक युवक उसके पास पहुंचा। उसने कहा कि उसे अपने रिश्तेदार से जरूरी बात करनी है और फोन करने के लिए मोबाइल मांगा। कुलेश्वर ने युवक की बात पर भरोसा किया और अपना मोबाइल उसे दे दिया। युवक मोबाइल लेकर वहां से निकल गया। इसके बाद उसने मोबाइल का इस्तेमाल कर कुलेश्वर के बैंक खाते से 1 लाख 48 हजार 301 रुपए की रकम निकाल ली।
पीड़ित ने थाने में की थी शिकायत खाते से रकम निकलने का पता चलने के बाद कुलेश्वर ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत की। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल और खाते से जुड़े सुरागों के साथ दूसरे उपलब्ध सबूतों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम कमलजीत बांदे उर्फ कमल (29), निवासी ग्राम तमोरा, थाना रानचिरई, जिला बालोद बताया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने अस्पताल से मोबाइल लेकर खाते से रकम निकालना स्वीकार किया।




पुलिस ने जब्त किया सामान ठगी के पैसों का कुछ हिस्सा सामान खरीदने में खर्च किया गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सोने का मंगलसूत्र करीब 17 हजार रुपए, एक मोबाइल करीब 16 हजार 500 रुपए, घड़ी 1 हजार रुपए, पावर बैंक 1 हजार रुपए और 20 हजार 200 रुपए नकद बरामद किए। कुल 55 हजार 700 रुपए की सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के रिकॉर्ड में आरोपी का पुराना मामला भी सामने आया है। उसके नाम से थाना उतई में वर्ष 2020 का जुआ संबंधी मामला दर्ज है। इसके अलावा सिटी कोतवाली दुर्ग में वर्ष 2024 में भी मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में चालान पेश किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।




