CG में कर्ज चुकाने प्रिंटर से छापे 12 लाख के नकली नोट:उधारी के 4 लाख देने पर पकड़ाए आरोपी,
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में 3 आरोपियों ने कर्ज चुकाने के लिए 12.50 लाख के नकली नोट छापे हैं। आरोपी किराए के मकान में कलर प्रिंटर की मदद से असली नोट स्कैन कर नकली नोट प्रिंट करते थे, फिर कंटिग कर बाजार में खपा रहे थे।







उधारी चुकाने के लिए जब उन्होंने 4.50 लाख रुपए दिनेश कुमार यादव को दिए तो पकड़ में आ गए। पीड़ित दिनेश को नोट देखते ही शक हुआ। कई नोट तिरछे थे, कटिंग सही नहीं थी। नोटों के कागज और रंग की क्वालिटी हल्की दिखी तो थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
मामला पोंडी पुलिस चौकी क्षेत्र का है। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से नकली नोट भी मिला। जांच में सामने आया कि आरोपियों को कंप्यूटर की ज्यादा जानकारी नहीं है और इस तरह के काम का भी उन्हें कोई अनुभव नहीं था।






जानकारी के मुताबिक ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपए उधार दिए थे। दोनों के बीच इसका एग्रीमेंट भी हुआ था। जब दिनेश ने रकम वापस मांगी तो घुरवा राम ने पैसे लौटाने की बात कही।
9 अगस्त की रात घुरवा राम ने बताया कि सतीश कुमार के जरिए रकम भेजी जा रही है। इसके बाद दिनेश को ग्राम पोंडी स्थित शराब भट्टी के पास बुलाया गया। दिनेश अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ रात करीब 9 बजे पोंडी पहुंचा। वहां सतीश कुमार और उसका एक साथी काले रंग का बैग लेकर पहुंचे और रकम दी।
बैग में मिले 500-500 के नकली नोट
दिनेश ने नोटों की जांच की तो वे संदिग्ध लगे। बैग खोलने पर उसमें 500-500 रुपए के कुल 4.50 लाख रुपए के नकली नोट मिले। नोटों की साइज एक जैसी नहीं थी। इसके बाद 10 अगस्त को पोंडी चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई।
पूछताछ में नकली नोट बनाने का खुलासा
पुलिस ने सतीश कुमार को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट बनाने और चलाने की बात कबूल की। सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
जुलाई से किराए के कमरे में छाप रहे थे नोट
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी जुलाई 2026 से नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके लिए नए बस स्टैंड के पास किराए का कमरा लिया गया था। यहां कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे।
जांच में सामने आया कि 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश ने कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने किराए का कमरा लिया, जहां तीनों मिलकर नकली नोट छापते थे।
उधारी चुकाने के नाम पर नकली नोट चलाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने तैयार नकली नोटों को असली नोटों के तौर पर चलाने की प्लानिंग बनाई थी। इसी के तहत दिनेश को उधारी चुकाने के नाम पर 4.50 लाख रुपए के नकली नोट दिए गए। सतीश और रामप्रसाद नकली नोटों की डिलीवरी करने जाते थे।
तीनों से 8 लाख के नकली नोट बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सतीश कुमार के पास से 2 लाख, रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4.50 लाख और घुरवा राम से 1.50 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए।
वहीं, दिनेश कुमार यादव से भी 4.50 लाख रुपए के नकली नोट मिले। इस तरह कुल 12.50 लाख रुपए के नकली नोट जब्त किए गए। इसके अलावा एक प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल फोन और टाटा पंच EV कार भी बरामद की गई।
BNS की धाराओं में केस दर्ज
पोंडी चौकी थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 101/26 के तहत धारा 179 और 318(4) BNS में केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान धारा 178, 180 और 181 BNS भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस आरोपियों से यह पता कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने नकली नोट तैयार किए और इन्हें कहां-कहां चलाया। नकली नोट बनाने और चलाने के पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।





