
ग्रे-वॉटर प्रबंधन से बदल रही ग्रामीण स्वच्छता की तस्वीर, सोकपिट और मैजिक पिट से जलभराव की समस्या हुई दूर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बालोद जिले में प्रदूषण नियंत्रण के साथ भू-जल संवर्धन को भी मिल रहा बढ़ावा, अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक प्रबंधन से गांव बन रहे स्वच्छ और सुरक्षित
रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 16 जुलाई 2026







स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत बालोद जिले के विभिन्न ग्रामों में घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले ग्रे-वॉटर (रसोई, स्नानघर एवं कपड़े धोने का पानी) के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु प्रभावी पहल की जा रही है। इसके तहत पेयजल स्त्रोतों के समीप सोकपिट, मैजिक पिट एवं अन्य ग्रे-वॉटर प्रबंधन संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से अपशिष्ट जल का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। पूर्व में घरों से निकलने वाला ग्रे-वॉटर सड़कों एवं गलियों में बहने से जलभराव, गंदगी, दुर्गंध तथा मच्छरों के पनपने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। अब निर्मित सोकपिट एवं मैजिक पिट के माध्यम से यह पानी भूमि में सुरक्षित रूप से समाहित हो रहा है, जिससे जलभराव की समस्या कम हुई है तथा गांव का वातावरण अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ बन रहा है।
इन संरचनाओं से भू-जल स्तर के पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। वर्षा जल एवं ग्रे-वॉटर के भूमि में समाहित होने से जल स्त्रोतों के संरक्षण में सहायता मिल रही है, जो भविष्य में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रे-वॉटर प्रबंधन से जल प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ खुले में गंदा पानी बहने की समस्या समाप्त हो रही है। इससे संक्रामक बीमारियों के प्रसार का खतरा कम हुआ है तथा ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो रहा है। कई स्थानों पर उपचारित जल का उपयोग पौधारोपण एवं हरित क्षेत्र के संरक्षण में भी किया जा रहा है, जिससे जल का पुनः उपयोग संभव हो रहा है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्मित सोकपिट, मैजिक पिट एवं ग्रे-वॉटर संरचनाओं का नियमित उपयोग एवं रखरखाव करें तथा किसी भी प्रकार का ठोस कचरा इनमें न डालें। जनसहभागिता से ही ग्रे-वॉटर प्रबंधन की यह पहल सफल होगी और स्वच्छ, स्वस्थ एवं जल-सुरक्षित गांवों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।











