दुर्ग जिले के धमधा में जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे:नदी और नाले में पानी बढ़ने से टूट जाता है गांव का दूसरी क्षेत्र से संपर्क
By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले में लगातार बारिश के चलते धमधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत भांठाकोकड़ी के आश्रित ग्राम मुड़पार के लोग काफी परेशान हैं। यहां नदी नाले सभी उफान पर हैं। इसके चलते यहां के बच्चों को जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी के बीच से गुजर कर स्कूल जाना पड़ रहा है। कई बच्चों ने तो डर के मारे स्कूल तक जाना बंद कर दिया है।
मुड़पार गांव की बात करें तो यह गांव एक तरफ आमनेर नदी और दुसरी तरफ कुकरी नाला से घिरा हुआ है। यहां केवल 5वीं कक्षा तक ही स्कूल है। आगे की पढ़ाई के लिए यहां के बच्चों को 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर घोटवानी गांव तक जाना पड़ता है। बारिश के चलते कुकरी नाला बढ़ जाने से उन्हें उफनते नाले को पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है।







उफनते नाले के बीच से गुजरकर स्कूल जाने वाली छात्राओं से जब बात की गई तो उन्होने बताया कि बरसात के मौसम में स्कुली बच्चों को नालें के कारण भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। बारीश के तीन महीनों तक आधे से अधिक बच्चे स्कुल ही नहीं जा पाते है। कुछ बच्चे जान जोखिम में डालकर जातें हैं तो जब तक वो घर नहीं आते उनके परिजनो की जान उनके ऊपर अटकी रहती है।ग्रमीण ने बताई समस्या
पिछले साल नाले में बह गया था एक बच्चा
ग्रामीणों की माने तो पालक दिल को मजबूत करके बच्चों को उफनते नाले के बीच से स्कूल भेजते हैं। नाले में पानी अधिक होने से कभी भी अनहोनी हो सकती है। पिछले साल यहां एक बच्चा नाले के बढ़े पानी में बह गया था। फिर ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से उसे रेस्क्यू कर बचाया था। उन्होंने मांग की है मुड़पार गांव में भी हायर सेकंडरी तक स्कूल होना चाहिए।









