भिलाई में पुरानी रंजिश पर कटर से हमला गर्दन पर वार; क्लीनिक की आड़ में दहशत फैलाने वाला बदमाश जिलाबदर
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले के भिलाई में पुरानी रंजिश में एक युवक पर कटर से हमला हुआ है। गुरुवार (8 जनवरी) की शाम नेवई-मरौदा क्षेत्र में आरोपी ने युवक की गर्दन पर वार करने का प्रयास किया, लेकिन वह बच गया और कटर उसकी पीठ में लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।







पुलिस के अनुसार, स्टेशन मरौदा नेवई निवासी ओंकार साहू (20 साल) ने बताया कि वह अपने दोस्तों हिमांशु पांडेय और टिकेश्वर साहू के साथ दादू चाय दुकान पर चाय पीने गया था। तीनों दुकान के पीछे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे, तभी आरोपी हिमांशु साहू वहां पहुंचा।
हमले में लगी गहरी चोट
आरोपी हिमांशु साहू ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौच शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने हिमांशु पाण्डेय से कहा, ‘बहुत हीरो बन रहा है’, और तुरंत अपनी जेब से कटर निकाल लिया। इसके बाद उसने हिमांशु पाण्डेय की गर्दन पर सीधा वार किया।




हिमांशु पाण्डेय ने खुद को बचाने के लिए झुककर पलटने का प्रयास किया, जिससे कटर उसकी गर्दन की बजाय पीठ में लगा। इस वार से उसकी पीठ पर गहरी चोट आई और खून बहने लगा।
मौके से भागे आरोपी
घटना होते ही ओंकार साहू, टिकेश्वर साहू और आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपी हिमांशु साहू मौके से फरार हो गया। घटना के बाद चाय दुकान के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

क्लीनिक की आड़ में दहशत फैलाने वाला जिलाबदर
दुर्ग जिला प्रशासन और पुलिस ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक कुख्यात बदमाश पर बड़ी कार्रवाई की है। नंदिनी नगर क्षेत्र में क्लीनिक की आड़ में दबंगई और मारपीट कर दहशत फैलाने वाले डॉ. दुष्यंत खोसला को एक साल के लिए जिलाबदर किया गया है। दुर्ग जिलाधीश ने पुलिस के प्रतिवेदन पर यह आदेश जारी किया।
पुलिस के मुताबिक, डॉ. दुष्यंत खोसला नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के अहिवारा में एक क्लीनिक चला रहा था। हालांकि, वह इलाज के बजाय अपनी दबंगई और आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वह लोगों को बेवजह डराता-धमकाता था, मारपीट करता था और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इलाके में भय का माहौल बनाता था।
डॉ. दुष्यंत खोसला के खिलाफ नंदिनी नगर थाने में मारपीट, धमकी और उपद्रव से संबंधित कुल 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने उसे “गुंडा बदमाश” की सूची में शामिल किया था। पुलिस का उद्देश्य उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखना और उसे सुधार का अवसर देना था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चेतावनी और निगरानी के बावजूद डॉ. खोसला समाज विरोधी गतिविधियों में लगातार शामिल रहा। लोगों में भय फैलाने की उसकी हरकतें जारी रहीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, दुर्ग पुलिस ने उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया और जिलाधीश दुर्ग को जिलाबदर की अनुशंसा करते हुए एक विस्तृत प्रतिवेदन भेजा।




