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दुर्ग के नगपुरा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ:पं. प्रदीप मिश्रा बोले- भक्ति केवल सुनने की नहीं, बल्कि धारण करने की वस्तु है

By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के ग्राम नगपुरा में आयोजित शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले ही दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल पहुंचे। कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने शिवभक्ति का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं से भगवान महादेव की भक्ति को जीवन में धारण करने का आह्वान किया।

पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भक्ति केवल सुनने की नहीं, बल्कि धारण करने की वस्तु है। उन्होंने श्रद्धालुओं से वचन लेने को कहा कि वे जितनी देर कथा स्थल पर रहें, उतनी देर श्री शिव नाम का जप करें और भजन में लीन रहें। ऐसा कोई स्थान न छोड़ें, जहां बैठकर भगवान का नाम न लिया जाए। शिवमहापुराण के सुंदर चरित्रों का वर्णन करते हुए उन्होंने शिवभक्ति को जीवन की दिशा बदलने वाली बताया।

पहले दिन कथा में जुटे लाखों श्रद्धालु।
कथा स्थल पर पुलिस ने गहन जांच के बाद लोगों को प्रवेश दिया।
कथा के दौरान कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा।

परिवार के हर सदस्य के पास मोबाइल, उसी में सब व्यस्त

पं. मिश्रा ने आज के समाज पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग विचारों का मंथन नहीं, बल्कि मोबाइल का मंथन करते हैं। परिवार के हर सदस्य के हाथ में मोबाइल है और लोग सोते ही उठकर सबसे पहले मोबाइल देखने लगते हैं।

उन्होंने रिश्तों में आ रही विकृति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज भाई-बहन के साथ भी फोटो साझा करते समय ‘माय सिस्टर’ या ‘चाची के साथ’ जैसे स्टेटस लिखने पड़ते हैं, क्योंकि लोगों की दृष्टि और बुद्धि विचित्र होती जा रही है और गलत सोच पनपने लगी है।

कथा सुनने दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु।

परिवार के बारे में करें चिंतन

रात में सोने से पहले मोबाइल देखने की बजाय अपने परिवार के बारे में चिंतन करें। दान पर बोलते हुए पं. मिश्रा ने कहा कि बाहर कहीं एक-दो रुपए का दान देने की बजाय अपने मोहल्ले के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें, ताकि वे भी आपके बच्चों की तरह नाम रोशन कर सकें। भगवान ने अगर किसी को सक्षम बनाया है, तो आसपास के लोगों की मदद करें, जरूरत पड़ने पर साधन उपलब्ध कराएं। मरीजों की सेवा करें।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुस्तैद

इधर, शिवपुराण कथा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दुर्ग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। कथा स्थल और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। लगभग 500 पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं 26 राजपत्रित अधिकारी सुरक्षा बंदोबस्त में तैनात हैं। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच श्रद्धालु शांतिपूर्वक कथा का आनंद ले रहे हैं।

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