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डोंगरगढ़ रोप-वे हादसा…मां बम्लेश्वरी समिति पर FIR

By Dinesh chourasiya

डोंगरगढ़ में हुए रोप-वे हादसे के बाद अब मां बम्लेश्वरी रोप-वे संचालन समिति पर एफआईआर दर्ज की गई है। समिति पर डोंगरगढ़ थाने में FIR भाजपा की ओर से की गई है। वहीं, रोप-वे संचालक कंपनी के मुताबिक फ्लक्चुएशन के कारण हादसा हुआ। इस पर बिजली विभाग और कंपनी भी आमने सामने हो गई है।

बिजली विभाग ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कंपनी के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला कलेक्टर ने रोप-वे हादसे की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया है। जो 7 दिन में जांच के बाद रिपोर्ट पेश करेगी।

रोपवे ट्रॉली हादसे में घायल भाजपा नेता भरत वर्मा से मिलने पहुंचे पूर्व सीएम रमन सिंह, धरमलाल कौशिक।

रोप-वे ट्रॉली पलटी, भाजपा नेता गंभीर रूप से घायल

बता दें कि, शुक्रवार को पूर्व मंत्री राम सेवक पैकरा मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचते थे। पैकरा मंदिर में दर्शन के लिए रोप-वे ट्रॉली से पहुंचे। उनके साथ ट्रॉली में भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा, मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल सहित कुल 6 लोग सवार थे।

जब सभी माता के दर्शन कर लौट रहे थे तभी ट्रॉली अचानक नीचे स्टेशन पर टूटकर पलट गई। इस हादसे में भाजपा महामंत्री भरत वर्मा को गंभीर चोटें आईं। उन्हें रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

मां बम्लेश्वरी मंदिर में रोप-वे ट्रॉली नीचे स्टेशन पर टूटकर पलट गई।

बिजली विभाग और रोप-वे संचालन कंपनी का एक-दूसरे पर आरोप

हादसे के बाद राजनांदगांव के पूर्व जिला उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह ने कहा, ये बड़ी लापरवाही हुई है, इसलिए संगठन के निर्देश पर हमने रोप-वे संचालन समिति पर FIR कराई है। उन्होंने कहा कि, इस मामले की जल्द से जल्द जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, रोपवे संचालक कंपनी दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड ने बिजली विभाग को इसका जिम्मेदार बताया है। साइट इंचार्ज धर्मेंद्र ठाकुर ने कहा कि बिजली में उतार-चढ़ाव (फ्लक्चुएशन) की वजह से ये हादसा हुआ है।

इसके जवाब में बिजली विभाग ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कंपनी के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज करा दी। बिजली विभाग डोंगरगढ़ के इंजीनियर एनके साहू ने बताया कि रोपवे की सप्लाई डोंगरगढ़ सब स्टेशन से है।

हादसे के दौरान कोई भी फ्लक्चुएशन नहीं हुआ। उन्होंने कहा, रोपवे के कनेक्शन के लिए कंपनी ने 125 केवीए का उच्च दाब कनेक्शन ले रखा है। इसमें ट्रांसफॉर्मर उपभोक्ता की ओर से ही लगवाया जाता है। साथ ही उसका मेंटनेंस भी उनके द्वारा ही किया जाता है।

जिला प्रशासन ने बनाई जांच समिति

इधर, जिले के कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति 7 दिनों में घटनास्थल की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। समिति में सीएसपीडीसीएल डोंगरगढ़ के कार्यपालन अभियंता एनके साहू, लोक निर्माण विभाग दुर्ग के आरएल गायकवाड़ और पंचराम ठाकुर को शामिल किया गया है।

पूर्व मंत्री की योजना भी प्रभावित

वहीं पूर्व मंत्री राम सेवक पैकरा डोंगरगढ़ दौरे पर कुंदरगढ़ मंदिर में रोप-वे स्थापित करने की योजना को लेकर आए थे। इसी सिलसिले में वे डोंगरगढ़ के रोपवे संचालन को समझने पहुंचे थे। इसी बीच वापसी के दौरान यह हादसा हो गया। उनके साथ बैठक में मौजूद अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं।

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