Uncategorized

दुर्ग में 6 साल की बच्ची से रेप-मर्डर केस में पिता बोले- भाई ऐसा नहीं कर सकता:बचपन से उसके लिए सब किया, कार मालिक पर शक

By Dinesh chourasiya

दुर्ग में बच्ची से रेप-मर्डर केस में नया मोड़ आ गया है। मृतक के पिता के मुताबिक उसका भाई ऐसा कर ही नहीं सकता। बचपन से उसके लिए सबकुछ किया है। परिजन का शक कार मालिक पर है, जिस गाड़ी से बच्ची का शव मिला था। पुलिस पर उसे बचाने का आरोप है। वहीं इस घटना के बाद आक्रोश इतना है कि, पड़ोसी महिला कहती है, कि मेरे हाथ में रिवॉल्वर दे दो मैं मर्डर कर दूंगी। चाहे मुझे फांसी हो जाए।

वहीं पीड़ित परिवार के घर पहुंची कांग्रेस जांच टीम ने भी सवाल उठाए हैं। बालोद विधायक संगीता सिन्हा के मुताबिक जांच के नाम पर पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित किया जा रहा है, रात ढाई बजे सबको उठाकर ले जाना, पूछताछ के नाम पर 8 साल की बच्ची को भी प्रताड़ित किया गया। बता दें कि बच्ची से रेप-मर्डर के आरोप में जांच के बाद उसके चाचा को गिरफ्तार किया गया है।

कांग्रेस की जांच टीम दुर्ग पहुंचकर पीड़ित परिवार और पड़ोस के लोगों से बातचीत की।

सुप्रीम कोर्ट के 5 वकील लड़ेंगे केस

बच्ची से रेप और हत्या मामले में स्थानीय वकील के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के 5 वकील भी केस लड़ेंगे। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने बताया कि भिलाई के वकील राजकुमार तिवारी इस केस को बिना किसी फीस के लड़ेंगे।

घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र की है। वहीं, इस मामले में दुर्ग एसपी ने SIT का गठन किया है। यह 7 सदस्यीय टीम होगी, जो तेजी से मामले की जांच कर कोर्ट में उसे रखेगी और फार्स्ट ट्रैक कोर्ट में मामले को चलाकर आरोपी को कड़ी सजा दिलाएगी।

इधर, दुर्ग में 24 घंटे के अंदर लड़की से छेड़छाड़ का एक और मामला सामने आया है। जहां मूक बधिर लड़की (19) के मुंह बोले चाचा ने मंगलवार को घर में घुसकर जबरन उसका हाथ पकड़ा और विरोध करने पर पीड़िता का मुंह भी दबाया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने थाने के बाहर हंगामा किया।

वकीलों का खर्च सरकार वहन करेगी

विधायक रिकेश सेन ने बताया कि मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से स्थानीय वकीलों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के पांच वकील भी होंगे। जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के पांच वकीलों की टीम भिलाई आएगी।

इसको लेकर दिल्ली भाजपा से सांसद और वकील बांसुरी स्वराज से भी बातचीत चल रही है। आरोपी फांसी के तख्ते तक पहुंच सके इसके लिए हर लड़ाई लड़ेंगे। इस कानूनी लड़ाई में वकीलों का जो भी खर्च होगा, उसे वो खुद जनसहयोग से वहन करेंगे और राज्य सरकार भी मदद करेगी।

Related Articles

Back to top button