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CG में 900 तालाबों को भरने छोड़ा गया तांदुला डैम का पानी:बालोद-दुर्ग बेमेतरा जिले के 83 गांवों में पेयजल और निस्तारी की समस्या होगी दूर

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के बालोद, दुर्ग और बेमेतरा के 83 गांवों में निस्तारी और पेयजल संकट को दूर करने के लिए सिंचाई विभाग ने तांदुला बांध के मुख्य गेट को खोल दिया है। वर्तमान में 1120 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार, 32 साल में ऐसी स्थिति दूसरी बार बनी, जब नवरात्रि शुरू होने के एक सप्ताह पहले गेट खोलने की नौबत आई।

इसके पहले 1993 में नवरात्रि के एक सप्ताह पहले गेट खोलने की नौबत आई थी। अमूमन हर साल नवरात्रि के एक-दो दिन पहले या बाद में निस्तारी तालाबों के लिए सिंचाई विभाग की ओर से गेट खोलने का निर्णय लिया जाता है।

पेयजल संकट बढ़ने पर छोड़ा जा रहा पानी

सिंचाई विभाग के ईई केएल तारम, एसडीओ एचएल साहू ने बताया कि, बालोद के अलावा दुर्ग, बेमेतरा जिले में गांवों में पेयजल संकट की स्थिति बनने की वजह से ग्राम पंचायत की ओर से पानी छोड़ने आवेदन किया गया। इसी आधार पर गेट खोलकर पानी छोड़ रहे है।

तीन जिले के 900 तालाबों तक पहुंचेगा पानी

वर्तमान में 1120 क्यूसेक पानी छोड़ रहे हैं। परिस्थिति अनुसार मात्रा घटाई या बढ़ाई जाएगी। तांदुला का पानी तीन जिले के लगभग 900 निस्तारी तालाबों में पहुंचेगा। जिससे निस्तारी के अलावा पेयजल संकट दूर होगी। तालाबों में पानी कम होने से वाटर लेवल डाउन होता है। लेकिन पानी भरने के बाद स्थिति सुधरती है।

तांदुला में 25.10 फीट जलभराव, 1120 क्यूसेक पानी छोड़ा गया

सिंचाई विभाग के अनुसार वर्तमान में तांदुला जलाशय में 25.10 फीट पानी है। 10 फीट तक रिजर्व पानी रखते है। ऐसे में रिजर्व से 15 फीट ज्यादा पानी है। ऐसे में विभागीय अफसर दावा कर रहे है कि डिमांड अनुसार निस्तारी तालाबों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा। विभाग के अनुसार तांदुला का मुख्य गेट 22 मार्च को खुला है। अप्रैल तक पानी छोड़ने की नौबत आ सकती है।

20 से 25 दिन लगेंगे तालाबों को भरने में

दरअसल तीन जिले के 900 तालाबों को भरने में 20 से 25 दिन का समय लग सकता है। दूसरे जिले के अफसरों से चर्चा करने के बाद गेट को बंद किया जाएगा। गौरतलब है कि गर्मी बढ़ने के साथ निस्तारी तालाबों का जलस्तर घट रहा था। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग जलाशयों से पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे।

गोंदली जलाशय में 24.80 फीट तक भरा है पानी

डौंडीलोहारा क्षेत्र के निस्तारी तालाबों के लिए गोंदली जलाशय के एलबीसी गेट को सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को खोला। इस गेट से 84 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय विभाग ने लिया है। बाद में परिस्थिति अनुसार कम या ज्यादा मात्रा में पानी छोड़ सकते हैं।

तरौद माइनर नहर में अप्रैल में छोड़ा जाएगा पानी

आरबीसी गेट अगले माह खुलेगा क्योंकि तरौद माइनर में नहर की लाइनिंग कार्य जारी है। गोंदली बांध में वर्तमान में 24.80 फीट पानी है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि निस्तारी तालाबों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा। एलबीआई गेट से मालीघोरी, कोरगुड़ा क्षेत्र के तालाबों में पानी पहुंचेगा। आरबीसी गेट से बालोद ब्लॉक के निस्तारी तालाबों में पानी पहुंचेगा।

रबी में धान की फसल के लिए नहीं दिया जाएगा पानी

सिंचाई विभाग के अनुसार मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने व रबी सीजन में धान के लिए पानी नहीं छोड़ने, यानी गेट बंद रहने से तांदुला व गोंदली दोनों बांध में अभी जलस्तर बेहतर है। गर्मी सीजन में निस्तारी तालाबों को भरने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा।

तांदुला में 34 फीट तक हुआ था जल भराव

मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने की वजह से तांदुला में 34 फीट तक पानी भरा था। तीन जिले व बीएसपी के लिए महत्वपूर्ण तांदुला और गोंदली में पर्याप्त मात्रा में पानी है। इसके अलावा लघु यानी छोटे जलाशयों में भी पानी है। रबी सीजन में किसी भी बांध से धान फसल के लिए पानी नहीं छोड़ने का निर्णय लिया गया था।

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