भिलाई में पशु प्रेमी को डीएवी के प्रिंसिपल ने पीटा:स्ट्रीट डॉग को मारने से रोका, तो पड़ोसी ने कर दी पिटाई, मामला दर्ज जांच शुरू
By Dinesh chourasiya

भिलाई में एक पत्रकार और पशु प्रेमी को उसके पड़ोसी स्कूल प्रिंसिपल ने बेरहमी से पीट दिया। वजह सिर्फ इतनी थी कि पत्रकार ने उसे कुत्ते को मारने से रोकने की कोशिश की।
घटना की सूचना पर स्मृति नगर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।







मामला दीनदयाल कॉलोनी, जुनवानी रोड, भिलाई का है। यहां रहने वाले लाभेश घोष पेशे से पत्रकार और पशु प्रेमी हैं। उन्हें कुत्तों से इतना लगाव है कि वो एक दर्जन से अधिक स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिलाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करते हैं। उन्होंने स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पड़ोसी सचिन शुक्ला ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की।
स्ट्रीट डॉग को मार रहा था प्रिंसिपल
लाभेश ने बताया कि वह समय-समय पर स्ट्रीट डॉग्स और अन्य पशुओं पर हो रही क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाता रहता है। इसी तरह, 13 मार्च की रात उसने देखा कि उसका पड़ोसी सचिन शुक्ला एक स्ट्रीट डॉग को मार रहा था।सचिन जम्मू-कश्मीर के एक स्कूल में प्रिंसिपल है।




यह देख लाभेश उनके घर पहुंच गया और उन्हें कुत्ते को मारने से मना करने लगा। यह बात टीचर और उसके साथ मौजूद उसके साथी अवनीश कुमार को इतनी बुरी लगी की वो लाभेश को गाली देने लगे। उनकी हरकतों को देख लाभेश ने उनका वीडियो बनाना शुरू किया तो वे लोग उसके साथ बदसलूकी करने लगे और उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की। जब लाभेश ने विरोध किया तो उन्होंने उसे पीट दिया।
स्मृति नगर चौकी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जीरो में मामला दर्ज किया है। लाभेश का आरोप है कि पुलिस ने मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपियों को न तो गिरफ्तार किया गया, न अन्य कोई कार्रवाई की गई।
डीएवी स्कूल का प्रिंसिपल मार रहा था कुत्ते को
लाभेश का कहना है कि टीचर बच्चों को शिक्षा देता है कि वो पशु और प्रकृति से प्रेम करें, लेकिन जम्मू-कश्मीर में डीएवी स्कूल शाखा के प्रिंसिपल सचिन शुक्ला खुद एक कुत्ते को पत्थर और डंडे से मार रहे हैं। इतना ही नहीं जब कोई व्यक्ति इन कुत्तों को बचाने के लिए आता है तो वो अपनी गलती को मानने की जगह उससे मारपीट कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पशुओं को लेकर कुछ अहम क़ानून
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 – इस अधिनियम के तहत पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता गैरकानूनी है, और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
- BNS 325 – यह प्रावधान स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि किसी भी पशु को गंभीर चोट पहुंचाना एक अपराध है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51(G) – यह अनुच्छेद स्पष्ट रूप से कहता है कि प्रत्येक नागरिक को यह मूलभूत अधिकार प्राप्त है कि वह पशुओं को भोजन करा सकता है और उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकता है। किसी को भी उन्हें मारने, प्रताड़ित करने या उनके विस्थापन (relocation) का अधिकार नहीं है।




