छत्तीसगढ़ बजट सत्र सदन में जल जीवन मिशन, उद्योग का उठा मुद्दा:गांवों में नल-कनेक्शन के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट; कांग्रेस विधायकों ने किया वॉकआउट
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन डिप्टी सीएम अरुण साव अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब दिए। कांकेर के गांवों में पानी की समस्या को लेकर नल कनेक्शन के सवाल से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
साव ने कहा, कि 355 गांवों में कनेक्शन दिया जा चुका है, 84 गांवों में पानी आ रहा है। 7 गांव में कनेक्शन देना बचा है। जानकारी से असंतुष्ट होकर भूपेश बघेल सहित कांग्रेस विधायक बाहर निकल गए। वहीं मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी अपने विभागों से जुड़ी जानकारी दी। महंत ने पूछा- सरकार ने औद्योगिक नीति बनाई, राजनांदगांव में एक साल में 5 उद्योग बंद हो गए। ये वित्तीय कारणों से बंद होना बताया गया। इनको सहयोग क्यों नहीं दिया गया।







मंत्री लखनलाल ने जवाब दिया कि जो बंद 5 उद्योग के बारे में बताया गया है, उनको भी उद्योग विभाग के नियमों के अनुसार सब्सिडी दी गई, उनको ब्याज अनुदान में 5 को 75 लाख 31 हजार और 60 लाख की सहायता दी गई है। 2023 में भी कांग्रेस के समय 18 उद्योग बंद हुए हैं। हमारा प्रयास है कि उद्योगों को लाभ मिले।
साव-चंद्राकर आमने सामने, जल जीवन मिशन पर भिड़े नेता
अजय चंद्राकर ने जल जीवन मिशन योजना को लेकर कहा कि योजना बनाने पर DPR में पाया गया कि गांव में कोई जल स्त्रोत नहीं है। वहां भी टंकी बना दी और पाइपलाइन बिछा दी ये तो खुला करप्शन है। ऐसी जगहों को चिन्हांकित करके कार्रवाई करेंगे क्या ऐसे अधिकारियों या तत्कालीन लोगों पर ?





इतने में भूपेश बघेल खड़े होकर डॉ रमन से बोले- अध्यक्ष महोदय ये दोनों (अजय चंद्राकर और अरुण साव) खड़े हो जाते हैं। निर्देश करें कि एक बोले तो दूसरा बैठ जाए। चंद्राकर बोले- ये सब आपके समय की ही कलाकारी है जिसको वो भोग रहे हैं।

अरुण साव ने कहा, मैं सदन के सबके सामने स्पष्ट रूप से यह कहूंगा कि किसी भी ठेकेदार का जब तक काम पूरा नहीं होगा 70% से अधिक भुगतान नहीं करेंगे और जब तक पूरी तरह से योजना संचालित नहीं होगी, भुगतान नहीं होगा। स्रोत नहीं पाया गया योजना या पूरी नहीं हुई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे।
अजय चंद्राकर फिर सवाल करने खड़े हुए तो डॉ रमन ने कहा कि मंत्री ने कह तो दिया कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे, चंद्राकर बोले- कड़ी से कड़ी सुन ही रहा हूं कब से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

केशकाल की खराब सड़क होगी ठीक
विधायक नीलकंठ टेकाम ने केशकाल घाट से कोंडागांव को जोड़ने वाली 85 किलोमीटर की सड़क के बारे में सवाल किया, टेकाम ने पूछा, इस सड़क की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई है, रोज वहां एक्सीडेंट हो रहे हैं। लोग बीमार पड़ रहे हैं। प्रदूषण फैल रहा है और न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि ओडिशा का भी सारा दबाव इस सड़क पर है। सड़क का रिनोवेशन होना बहुत जरूरी है।
जवाब में मंत्री अरुण साव ने कहा कि बांसकोट से केशकाल की जो सड़क है उसमें 21 किलोमीटर तक 7 भागों में कॉन्ट्रैक्ट है। 15 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है, 6 किलोमीटर में डामरीकरण हो रहा है। 18 किलोमीटर के पैच रिपेयर का टेंडर लगाया जा रहा है और इस रोड को जल्द ही रिपेयर कर लिया जाएगा।

प्रश्नकाल में उठे ये सवाल
सवाल– विधायक सावित्री मंडावी ने जल जीवन मिशन को लेकर सवाल किया। कांकेर के चरामा, भानुप्रतापपुर में दुर्गकोंदल जैसे ब्लॉक में पानी टंकी बनाकर छोड़ दी गई है। पानी नहीं आ रहा है। ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। कोई कार्रवाई करेंगे क्या।
जवाब- मंत्री साव ने कहा, 355 गांवों में कनेक्शन दिया जा चुका है। 84 गांवों में पानी मिल रहा है। 7 गांव में कनेक्शन देना बाकी है। योजना जारी है, जहां गड़बड़ी मिल रही है वहां कार्रवाई कर रहे हैं।
सवाल– धरमलाल कौशिक ने कहा- जल जीवन मिशन में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदार मेजर्स बंसल इंफ्रास्ट्रक्चर रायपुर को 3 साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया, केके नैयर भंडारा महाराष्ट्र 2 साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया और बिहार के एक डेवलपर को 2 साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया। एक के खिलाफ भी FIR की है तो बाकी के खिलाफ भी FIR कर दें और उन्हें पूरी तरह से बैन कर दीजिए तो जो करप्शन खत्म हो जाएगा।
जवाब- मंत्री अरुण साव ने कहा कि सुझाव पर विचार करेंगे।
सवाल– राजेश मूणत ने पूछा, शहर में 411 करोड़ खर्च करने के बाद भी रायपुर में 24/7 पानी का विस्तार नहीं कर पाए, क्या दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सवाल– अरुण साव ने कहा कि ओवरलैपिंग की और किसी प्रकार की अनियमितता के कोई तथ्य विधायक राजेश मूणत के पास हो तो उपलब्ध करा दें, हम निश्चित रूप से उसकी जांच करेंगे।
सवाल– विधायक मोतीलाल साहू ने पूछा- रायपुर के 70 वार्ड में से 45 वार्ड में अमृत मिशन के जरिए घरों नल कनेक्शन देना है। लेकिन पानी की सप्लाई अभी तक नहीं हो पा रही है। कई वार्डों में आज भी काम अधूरे हैं।
जवाब– अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि रायपुर शहर में कुल 70 वार्ड हैं 20 वार्डों में अमृत योजना के अंतर्गत पानी की व्यवस्था की गई है। काम साल 2016-17 के सर्वे पर हुआ, उसके बाद अलग परिस्थितियां बन गई है फिर से सर्वे करेंगे और सर्वे करा कर अमृत योजना तो अब नगर निगमों के लिए समाप्त हुई है तो अन्य मद से इसपर जरूर विचार करेंगे




