भिलाई में तेंदुए को लेकर वन विभाग और बीएसपी प्रबंधन में मतभेद:बीएसपी ने कहा तेंदुए का वीडियो फेक, डीएफओ ने कहा ट्रैप कैमरे में कैद हुई तस्वीर अभी भी तेंदुए को लेकर सस्पेंस बरकरार
By Dinesh chourasiya

भिलाई में तेंदुआ घूमने की खबर अभी भी रहस्य बनी हुई है। अब इसे लेकर बीएसपी प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारी भी अलग-अलग बयान देने लगे हैं। एक तरफ बीएसपी के उद्यानकी प्रभारी डॉ. जैन ने तेंदुए को वीडियो को दूसरी जगह का और एक महीने पुराना बताया है। वहीं दुर्ग के डीएफओ ने कहा कि उनके ट्रैप कैमरे में तेंदुआ की तस्वीर कैद हुई है।
आपको बता दें कि बुधवार 29 दिसंबर की देर रात एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में एक तेंदुआ रेलवे ट्रैक में घूमता हुआ दिख रहा था। वीडियो में दावा किया गया कि ये वीडियो भिलाई स्टील प्लांट के अंदर बार एंड रॉड मिल यानि बीआरएम के पास का का है। साथ ही यह भी कहा गया कि इस वीडियो को लोको का प्वाइंट बदलते समय शंटिंग स्टॉफ भुवन सिंह ने बवाई है।







इसके बाद से पूरे जिले में हड़कंप मच गया। बीएसपी की मैत्रीबाग जू की टीम वहां के उद्यानकी प्रभारी डॉ. नवीन जैन के नेतृत्व में तेंदुए की तलाश करने लगी। वन विभाग की टीम भी दुर्ग डीएफओ चंद्रशेखर सिंह परदेशी के निर्देश पर गई। उनके द्वारा जगह जगह जंगली क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए। जिससे की टेंदुए को लोकेशन मिल सके।
बीएसपी प्रबंधन ने वीडियो को बनाया फर्जी
इस घटना के तीन चार दिन बीत जाने के बाद अब बीएसपी प्रबंधन ने दावा कर रहा है कि यहां कोई तेंदुआ नहीं आया। उनका कहना है कि जो वीडियो वायरल हुआ है वो भी पुराना और दूसरी जगह का है। डॉ. नवीन जैन का कहना है कि जगह जगह ट्रैप कैमरे लगाए गए, लेकिन कहीं भी हलचन नहीं हुई। बिल्डिंग के अंदर जो तेंदुए की तस्वीर आई है वो 27 दिसंबर को गुवाहाटी टाइम्स ने अपने इंस्टाग्राम पेज में डाला था।




डीएफओ ने तेंदुए के होने की पुष्टि की
वहीं दुर्ग डीएफओ चंद्रशेखर सिंह परदेशी का कहना है कि उनकी टीम ने तेंदुए के होने की पुष्टि की है। उन्हें कई जगह उसके पंजे के निशान मिले हैं। वह बीएसपी के जंगली क्षेत्र में घूम रहा है और उसने एक जानवर का शिकार भी किया है। उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुआ दल्लीराजहरा से ट्रेन में आया और बीएसपी के पुरैना गेट से अंदर चला गया है। साथ ही ट्रैप कैमरे में भी तेंदुए के होने की पुष्टि हुई है।




