
रायपुर में CBI ने CGST के 2 रिश्वतखोर अफसरों को दौड़ाकर पकड़ा कारोबारी से लिए 60 हजार, रुपए
By Dinesh chourasiya
रायपुर में CBI की टीम ने शुक्रवार को दो अफसरों को दवा कारोबारी से 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दौड़ाकर पकड़ा है। सुपरिटेंडेंट इलोंका मिंज और इंस्पेक्टर सौम्य रंजन मलिक GST की राशि में गड़बड़ी का सेटलमेंट करने और पेनल्टी से बचाने के नाम पर घूस मांग रहे थे।







इसके सेटलमेंट के लिए उसने पहले 75 हजार रुपए मांगे थे। छत्तीसगढ़ में ऐसा पहला मौका है, जब CGST अफसरों को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया है। रायपुर में पहली बार रिश्वतखोरी केस में CGST अफसर की गिरफ्तारी हुई है। धमकाने से गिड़गिड़ाने तक की पूरी कहानी पढ़िए
8 नवंबर से धमकी, वॉट्सऐप पर नोटिस
8 नवंबर को कारोबारी राहुल के वॉट्सऐप पर इंस्पेक्टर मलिक ने कॉल किया और कहा कि आपके जीएसटी की राशि में गड़बड़ी हुई है। आप फौरन CGST के दफ्तर में आ जाइये। साथ ही वॉट्सऐप पर नोटिस भी भेजा। नोटिस में करीब 1 लाख 21 हजार रुपए का हिसाब-किताब नहीं होना बताया।




लेकिन दोनों ही अफसरों ने इसमें ब्याज जोड़कर 3 लाख का जुर्माना लगाने की बात कही। बार-बार दबाव बनाने के बाद कारोबारी भास्कर के दफ्तर पहुंचा। डीबी स्टार ने CGST के अधिकारियों का स्टिंग किया। एक्शन के लिए हमारी टीम ACB दफ्तर पहुंची तो एसीबी के आईजी ने सीबीआई के पास भेजा।
CBI ने अपनी डिवाइस से फिर स्टिंग करवाया और उसकी जांच की। फिर शुक्रवार की शाम को सीजीएसटी दफ्तर में दोनों अधिकारियों को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई ने 20 लोगों की 3 टीमें बनाईं
सीबीआई ने 3 टीम बनाकर घेराबंदी की। टीम-ए में 7 अफसर थे, जो कारोबारी के साथ जीएसटी ऑफिस पहुंचे। टीम-बी में इंस्पेक्टर लेवल के 4 अफसर थे। जो आस-पास इलाके की निगरानी कर रहे थे। टीम-सी में 9 अफसर पूछताछ के लिए ही कार्यालय में इंतजार कर रहे थे। टीम ए ने घूस की रकम गाड़ी में रखने जाते वक्त इंस्पेक्टर को दौड़ाकर पकड़ा।
हमारे सबूतों की चार्जशीट ऐसी-घूसखोर बच न पाएं
26 नवंबर : डीबी स्टार टीम कारोबारी के साथ सीजीएसटी दफ्तर पहुंची तो मिंज ने दूसरे दिन बुलाया।
27 नवबंर: मलिक और मिंज ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 75 हजार रुपए मांगे। इसका वीडियो बनाने के बाद हम कारोबारी के साथ एसीबी के आईजी अमरेश मिश्रा से मिले। उन्होंने सीबीआई से कनेक्ट करवाया।
28 नवंबर: सीबीआई ने हमारे वीडियो जांचे। फिर अपनी डिवाइस से दोबारा स्टिंग करने को कहा। शाम को हम जीएसटी दफ्तर पहुंचे, 60 हजार में सौदा तय हुआ। सारी बातें रिकॉर्ड हुईं। अफसरों ने हमें और कारोबारी को 29 नवंबर को बुलाया।
29 नवंबर: गिरफ्तारी के बाद मिंज गिड़गिड़ाने लगीं। कारोबारी से बोली- केस वापस ले लो। मैं पैसा लौटा दूंगी।
रायपुर में पहली बार सीजीएसटी अफसर की गिरफ्तारी
सीजीएसटी भोपाल जोन में दो साल में ये 12वीं गिरफ्तारी है। जबकि रायपुर में पहली। भोपाल जोन के अंतर्गत मप्र और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य आते हैं। इससे पहले सभी गिरफ्तारियां मप्र में हुई थी।
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