
जिला दुर्ग खनिज निरीक्षक दीपक मिश्रा पर गलत निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत कर मुरुम माफियाओ को फायदा पहुंचाने एवं शासन को लाखों रुपया क्षत्ती होने के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर से FIR करने की मांग*
By Dinesh chourasiya

जिला दुर्ग की खनिज निरीक्षक दीपक मिश्रा खनिज शाखा दुर्ग जिला दुर्ग द्वारा ग्राम पंचायत गिरहोला में बिना मुरूम उत्खनन की परिवहन के अनुमति दिया गया है। जिसे छत्तीसगढ़ शासन को लाखों रुपया की छति हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है की खनिज नियम के अंतर्गत ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के बाद उस स्थल को खनिज निरीक्षक द्वारा निरीक्षण किया जाता है। उस निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उत्खनन/ परिवहन की अनुमति मिलता है। जो खनिज अधिकारी दीपक मिश्रा द्वारा गलत निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया है। जिस स्थल पर खसरा नंबर 264 रखवा 7.340 हेक्टेयर भूमि में स्थित तालाब गहरीकरण कार्य से प्राप्त 3000 घन मीटर मुरुम की परिवहन की अनुमति दी गई है, वह गलत है। कोई तालाब गहरीकरण नहीं किया गया अवैध मुरुम उत्खनन किया जा रहा है। जिसको मुरुम माफिया के साथ साठ गांठ कर परिवहन कि अनुमति दी गई है। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम का भी उल्लंघन किया गया है नियम के अंतर्गत उत्खनन स्थल से लगा श्मशान घाट है एवं राज्य स्तरीय रायपुर व्हाया अहिवारा बेमेतरा,कवर्धा मार्ग है जो उत्खनन खसरा नंबर 264 रकवा 7.340 कि पूरब दिशा में स्टेट हाइवे मार्ग एवं दक्षिण, पश्चिम दिशा में श्मशान घाट लगा हुआ है। खनिज अधिनियम के मुताबिक उपरोक्त स्थानों से 50 मीटर कि दूरी होनी चाहिए ।
अवैध मुरूम उत्खनन से छत्तीसगढ़ शासन को लाखों रुपया की छाति हुई है जिसके खिलाफ जिला दुर्ग कलेक्टर से निवेदन है कि उपरोक्त प्रकरण को जांच कर खनिज निरीक्षक दीपक मिश्रा द्वारा सिविल सेवा के उल्लंघन कर शासन को लाखों रुपया की क्षति पहुंचाने पर FIR करने की कृपा करे वही पुलिस अधीक्षक एवं थाना नंदिनी को भी सूचनाअर्थ किया गया है।











