
भिलाई आईआईटी ने एक साल में अपनी रैंकिंग में 12 स्थान का सुधार किया, मिला 73वां स्थान
By Dinesh chourasiya
प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान की रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। इसका खुलासा सोमवार को जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2024 की रिपोर्ट में हुआ है। पिछले साल जहां आईआईटी भिलाई का एनआईआरएफ रैंक 81 था, जो इस बार 73 हो गया है। इस तरह आईआईटी भिलाई ने अपनी रैंकिंग में 12 स्थान का सुधार किया है।
आईआईटी भिलाई को 100 में 48.80 स्कोर दिया गया है। संस्थान ने आने वाले साल में अंडर60 तक रैंक लाने का दावा किया है। टॉप में मद्रास आईआईटी है। उसका स्कोर 89.46 है। इस तरह आईआईटी भिलाई ने देश के सौ शिक्षण संस्थानों के बीच अपना स्थान बनाया है। चिकित्सा विज्ञान संस्थानों की कड़ी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर 39वें नंबर है।
फार्मेसी में गुरु घासीदास केंद्रीय विवि बिलासपुर 54वें और मैनेजमेंट श्रेणी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रायपुर 14वें और कृषि क्षेत्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय 39वें नंबर पर है। इस रैंकिंग से केंद्र सरकार से अनुदान मिलने में सुविधा होती है। आधारभूत संरचना का विकास करने के लिए भी फंडिंग होती है। इस तरह रैंकिंग सुधरने से संस्थान को आर्थिक लाभ होने के साथ बाहर से काम भी मिलते हैं। पांच आधारों पर तय की जाती है इंस्टीट्यूट्स की रैंक रैंकिंग तय करने के लिए कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज को पांच प्वाइंट्स के आधार पर आंकलन किया जाता है।
टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च (टीएलआर), ग्रेजुएशन आउटकम (जीओ), परसेप्शन (पीआर), आउटरीच और इंक्लूसिविटी (ओआई)। इनमें से हर पैरामीटर के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को 100 में से नंबर दिए जाते हैं। इन्हीं के आधार पर स्टूडेंट्स टॉप कॉलेज में एडमिशन लेते हैं। रैंकिंग के साथ-साथ कॉलेज -यूनिवर्सिटी में कुछ और एलिमेंट्स भी जरूरी होते हैं, जैसे एन्वायर्नमेंट, टीचर, प्लेसमेंट परसेंट और बेसिक स्ट्रक्चर।




ओवर ऑल, कॉलेज और स्टेट यूनिवर्सिटी में टॉप 100 से बाहर एनआईआरएफ ने ओवर ऑल केटेगरी भी जारी की है। इसमें राज्य में संचालित कोई भी शैक्षणिक संस्थान का स्थान नहीं है। न ही कोई कॉलेज स्थान बना पाया है और न ही कोई स्टेट यूनिवर्सिटी। दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय और दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय संचालित हैं। तीनों ही विश्वविद्यालय एनआईआरएफ की रिपोर्ट में स्थान बनाने में सफल नहीं हुए हैं। राज्य के अन्य सभी शैक्षणिक संस्थान भी काफी पीछे हैं।











