छत्तीसगढ़

भिलाई में विधायक देवेंद्र यादव बयान दर्ज कराने पहुंचे थाने MMS कांड से जुड़े साक्ष्य पेश करने दिया गया था पुलिस ने देवेंद्र यादव को नोटिस  

By Dinesh chourasiya

भिलाई विधायक बयान दर्ज कराने पहुंचे थाने - Dainik Bhaskar

भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव सोमवार को MMS कांड के मामले में अपना बयान दर्ज कराने भिलाई नगर थाने पहुंचे। भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी और थाना प्रभारी राजकुमार लहरे ने उनका बयान दर्ज किया। इस दौरान विधायक देवेंद्र ने कहा कि इस मामले में भाजपा राजनीति कर रही है। गृहमंत्री कहते हैं कि वो इसकी जांच कराएंगे, जबकि उन्होंने खुद एफआईआर दर्ज कराकर मांग की है इसकी जांच की जाए।

भिलाई नगर थाने में थाना प्रभारी कक्ष के अंदर विधायक देवेंद्र यादव का डेढ़ घंटे तक बयान दर्ज किया गया। इस दौरान MMS कांड से जुड़े मामले में उनसे कई सवाल भी पूछे गए। विधायक ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस मामले के सभी साक्ष्य पुलिस को दे दिए थे। पुलिस के द्वारा वीडियो की जांच कराई गई थी। पुलिस को और जो भी जानकारी इसमें उनसे चाहिए वो दे देंगे।

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान एक MMS वायरल हुआ था। उसमें एक युवक एक लड़की के साथ नाजायज संबंध स्थापित करते हुए दिखाया गया था। भाजपा के कुछ लोगों ने ऐसा दावा किया था कि MMS में महिला के साथ जो सख्स है वो विधायक देवेंद्र यादव है। इसके बाद विधायक देवेंद्र यादव ने खुद एक प्रेस कांफ्रेस बुलाई थी और रो-रोकर कहा था कि ये फर्जी एमएमएस उन्हें बदनाम करने के लिए विपक्षी लोगों द्वारा जारी किया गया था।

भिलाई नगर विधायक ने विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया में दी थी सफाई

विधायक देवेंद्र यादव ने ये भी दावा किया था कि MMS में दिख रहा व्यक्ति देवेंद्र यादव नहीं है। उन्होंने कहा था कि वो MMS चार महीने पहले उनके पास आया था। इसको लेकर उन्होंने भिलाई नगर थाने में शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने उस MMS की जांच भी कराई थी, जिसमें यह बताया गया कि एमएमएस में दिख रहा व्यक्ति देवेंद्र यादव नहीं है।

फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट जो विधायक के द्वारा मीडिया को दी गई थी।
फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट जो विधायक के द्वारा मीडिया को दी गई थी।

थाने से पुरानी फाइल गायब

बयान दर्ज कराने विधायक के साथ गए उनके मीडिया प्रभारी देवेश पाणिगृही का कहना है कि थाने में इस केस से जुड़ी एक पुरानी फाइल थी। उसमें सभी साक्ष्य थे और पुराने अधिकारियों की जांच रिपोर्ट भी थी। अब वो फाइल पुलिस को नहीं मिल रही है। ऐसा क्या हो गया कि थाने के अंदर से इतनी महत्वपूण फाइल गायब हो गई है। पुलिस कह रही है कि वो उस फाइल को खोज रहे हैं। आखिर मामला दर्ज होने के 4 महीने बाद विधायक देवेंद्र यादव के बयान लेने की सुध पुलिस को कैसे आई। ये पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित होकर काम किया जा रहा है।

विधायक अजय चंद्राकर ने विधानसभा में उठाया था सवाल

विधानसभा में उठा सवाल, गृहमंत्री ने बताया गलत

आपको बदा दें कि विधानसभा में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के एमएमएस का मामला खुद बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने उठाया था। उन्होंने गृहमंत्री विजय शर्मा से एमएमएस संबंधी प्राथमिकी की जांच की जानकारी भी मांगी थी। उन्होंने सदन में सवाल पूछा था कि क्या इस कथित MMS की जांच किसी फोरेंसिक लैब में कराई गई थी या नहीं। इसके जवाब में गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि दुर्ग एसपी ने राष्ट्रीय फोरेंसिक साईंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर (गुजरात) से संबंधित पेन ड्राईव की जांच कराई है। जांच पर तुलनीय मानकों के अभाव में कोई निश्चित राय नहीं बनाई जा सकी है।

गृहमंत्री बढ़ते अपराधों पर क्यों नहीं बोल रहे

विधायक देवेंद्र यादव ने मीडिया के सामने कहा कि दुर्ग भिलाई और पूरे राज्य में चाकूबाजी, लूट जैसे गंभीर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। गृहमंत्री उस पर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। उनको सिर्फ ये एमएमएस कांड की सुध है और वो मीडिया में बयान दे रहे हैं कि इसकी जांच कराएंगे। देवेंद्र यादव ने कहा कि गृहमंत्री क्या इसकी जांच कराएंगे उन्होंने इसकी एफआईआर दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच कराएं।

रमन सरकार के समय सीजी कांड की क्यों नहीं हुई जांच

विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि जब प्रदेश में डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तो उस समय भी भाजपा के एक विधायक का एमएमएस वायरल हुआ था। उसको लेकर भी काफी बवाल हुआ था। आखिर वो मामला क्यों दबा दिया गया। उस मामले की जांच क्यों नहीं करा रही सरकार। सरकार सिर्फ इसमें राजनीति कर रही है।

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