छत्तीसगढ़

भिलाई BSP टाउनशिप को अब सिर्फ 1 टाइम मिलेगा पानी:डैम में सिर्फ 28 दिन का पानी बचा, अगर समय रहते बारिश नही हुआ तो बढ़ेगी मुस्किल 

By Dinesh chourasiya

बीएसपी के मरोदा डैम में जल संकट - Dainik Bhaskar

 भिलाई इस्पात संयंत्र का मरोदा डैम जल संकट से जूझ रहा है। यहां सिर्फ 28 दिन के लिए ही पानी बचा हुआ है। गर्मी के मौसम में पानी की खपत अधिक देखते हुए बीएसपी प्रबंधन ने टाउनशिप में दो टाइम की जगह अब एक टाइम पानी सप्लाई करने का निर्णय लिया है। 26 जून से भिलाई टाउनशिप में सिर्फ एक टाइम ही (सुबह के समय) पानी की सप्लाई की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पानी को स्टोर करने वाले रिजर्वायर या डेम के कैचमेंट एरिया में अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हो पाई है। इसकी वजह से डेम में पर्याप्त पानी है। भिलाई के डैम को भरने के लिए तांदुला, गोंदली, खरखरा और गंगरेल डेम से पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन यहां से भी पर्याप्त पानी नहीं आ पा रहा है।

बारिश के चलते पानी की खपत कम

छत्तीसगढ़ अंचल में मानसून की पहली बारिश हो चुकी है। इससे मौसम में पर्याप्त मात्रा में आद्रता होने के कारण गर्मी की तुलना में जल की खपत अभी कम है। इसको ध्यान में रखते हुए बीएसपी ने एक टाइम वाटर सप्लाई का निर्णय लिया है। बीएसपी ने जल संकट को देखते हुए एक महीने पहले भी कुछ समय के लिए एक टाइम पानी सप्लाई दिया था।

16.86 क्यूबिक मीटर है मरोदा डैम की स्टोरेज क्षमता

वर्तमान में मरोदा डैम की पानी धारण क्षमता 16.86 क्यूबिक मीटर है। इससे टाउनशिप, भिलाई स्टील प्लांट, खुर्सीपार, चरोदा और भिलाई रेलवे कॉलोनी,आदि स्थानों पर पानी की आपूर्ति की जाती है। साथ ही डबरा पारा नहर से जामुल, अहेरी, मोहदी, चेटवा, मुरमुंदा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में सिंचाई के पानी दिया जाता है।

बीएसपी को हर साल 10.76 क्यूबिक मीटर पानी की जरूरत

भिलाई स्टील प्लांट को संयंत्र के भीतर काम के लिए हर साल 6.79 क्यूबिक मीटर पानी की जरूरत होती है। साथ ही टाउनशिप के सभी सेक्टरों में 2.26 क्यूबिक मीटर पानी देना होता है। पावर प्लांट में बिजली के उत्पादन के लिए 1.69 क्यूबिक मीटर पानी देना होता है। इसकी आपूर्ति मरोदा डैम से होती है।

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