CG के बलौदाबाजार में धारा 144 20 जून तक बढ़ी:कलेक्टर ने जारी किए आदेश, कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को अनुमति नहीं
By Dinesh chourasiya

बलौदाबाजार शहर में धारा-144 को 20 जून तक बढ़ा दी गई है। कलेक्टर ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। वहीं बलौदाबाजार में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को भी अनुमति नहीं मिली है।
बलौदाबाजार के जिला कार्यालय परिसर में हुई घटना के बाद अधिकारियों-कर्मचारियों सहित निवासियों में डर के माहौल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नगरपालिका बलौदाबाजार सीमा क्षेत्र में आगामी आदेश तक रैली या जुलूस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। दूसरे जिलों या बाहरी व्यक्तियों का 5 या उससे ज्यादा लोगों का समूह बलौदाबाजार सीमा क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा।







कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को अनुमति नहीं
बलौदाबाजार में 10 जून को हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना के विरोध में कांग्रेस 18 जून को पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन करने जा रही है। लेकिन बलौदाबाजार में कांग्रेस को इसकी अनुमति नहीं दी गई है। जिले में अभी तक 144 लगा हुआ है जो 20 जून तक जारी रहेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर को SDM ने नोटिस जारी कर धरना प्रदर्शन नहीं करने की सूचना दी है।

कलेक्टर ने जिलेवासियों से की अपील




इसके अलावा कलेक्टर दीपक सोनी ने जिलेवासियों से शांति भंग करने वालों की जानकारी देने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि आप ऐसे लोगों की जानकारी जिला कंट्रोल रूम नंबर 94791-90629 में दे सकते है। ताकि उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
आगजनी कांड को लेकर गरमाई सियासत
बलौदाबाजार आगजनी कांड को लेकर अब राजनीति गरमा गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही जांच के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने लगे हैं। इस हिंसक घटना में अब तक 9 FIR दर्ज किए गए हैं, जबकि आगजनी तोड़फोड़ करने वाले 132 उपद्रवियों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं इस आगजनी में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। जिसके बाद जिला मुख्यालय में 144 लागू कर दिया। अब सियासी दलों ने घटना को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है।
इधर, घटना की जांच के लिए सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। इसके बावजूद प्रदेश का सियासी पारा हाई होते जा रहा है।
21 सदस्यीय टीम कर रही जांच
दरअसल, दोनों प्रमुख दलों ने जांच दल गठित किया है। इस घटना के लिए अब तक जांच के लिए चार दलों का गठन किया जा चुका है, जिसमें कांग्रेस की सात सदस्यीय, भाजपा की पांच सदस्यीय, न्यायिक आयोग की एक सदस्यीय और SIT की 21 सदस्यीय टीम जांच कर रही है।







