दुर्ग रेलवे स्टेशन में मुख्य टिकट निरीक्षक ने फेंकी आम्बेडकर की फोटो, जमकर बवाल:रेलवे स्टेशन में बैठकर समाज के लोगों ने किया धरना प्रदर्शन, दी रेल रोको आंदोलन की चेतावनी
By Dinesh chourasiya

दुर्ग रेलवे स्टेशन में बाबा साहेब आम्बेडकर की प्रतिमा को निकाल कर कचरे में फेंकने के मामले को लेकर जमकर बवाल हुआ। आम्बेडकर के अनुयायियों ने सैकडों की संख्या में इकट्ठा होकर रेलवे स्टेशन में धरना प्रदर्शन किया। मामला तूल पकड़ने पर रेलवे के अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।







विरोध प्रदर्शन करने गई सेक्टर 6 बुद्ध विहार की अध्यक्ष वर्षा बागड़े ने बताया कि उनके पास रत्नमाला कौशिक का फोन आया था। उसने बताया कि रेलवे स्टेशन दुर्ग की मुख्य टिकट निरीक्षक वीपी नायडू मैडम ने रात को दीवार पर लगी बाबा साहेब की फोटो निकाल कर फेंक दिया। उसने फोटो पहले नीचे फेंका, फिर उसे कुचला और उसके बाद डस्टविन में डाल दिया।
सुबह जब समाज से जुड़े लोग रेलवे के सफाई कर्मी ड्यूटी आए तो उन्होंने यह देखकर इसका विरोध किया। रेलवे के सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया तो नायडू मैडम ने उस फोटो को फिर से डस्टविन से निकाला और दीवार पर लगाकर उसमें माला चढ़ा दिया। साथ ही आंम्बेडकर जयंती के मौके पर मिठाई भी बांटी।




सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग वहां पहुंचे। उन्होंने रेलवे प्लेटफार्म पर बैठकर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। यह देख रेलवे पुलिस फोर्स और जीआरपी के अधिकारी वहां पहुंचे। उन्होंने उन्हें समझाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाबा साहेब की फोटो उसी जगह लगी है, जहां लगी है। उसे निकालकर फेंकने के कोई साक्ष्य नहीं है। पुलिस मामले की जांच करेगी, यदि कोई साक्ष्य मिलेगा तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसेक बाद समाज के लोग शांत होकर लौट गए।
दी रेल रोको आंदोलन की चेतावनी
रेलवे स्टेशन स्टेशन में विरोध करने पहुंचे सामज के डॉ. अरविंद चौधरी ने कहा कि दो दिन के भीतर यदि दोषी पर कार्रवाई नहीं होती है तो वो लोग रेल रोको आंदोलन करेंगे। यहां से एक भी ट्रेन को नहीं गुजरने देंगे। उन्होंने इस प्रदर्शन में समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने के लिए वाट्सअप ग्रुप में मैसेज डाला है। उनका कहना है कि दोषी को गिरफ्तार कर उसको गिरफ्तार करने की कार्रवाई होनी चाहिए।




